आज यूपी कैबिनेट की बैठक, इलाहाबाद को प्रयागराज बनाने के लिए
यूपी सरकार कुम्भ मेले से पहले ही इलाहाबाद का नाम बदलने पर गंभीरता से विचार कर रही है | हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि संत लगातार इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयाग करने की मांग उठा रहे थे | उत्तर प्रदेश की संगम नगरी इलाहाबाद का नाम 444 साल बाद फिर से प्रयागराज होने जा रहा है | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा के बाद संत समाज काफी उत्साहित है |दरअसल, पुराणों में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज ही था | लेकिन अकबर के शासनकाल में इसे बदलकर इलाहाबाद कर दिया गया था |
इतिहासकार बताते हैं कि अकबरनामा और आईने अकबरी व अन्य मुगलकालीन ऐतिहासिक पुस्तकों से ज्ञात होता है कि अकबर ने सन 1574 के आसपास प्रयागराज में किले की नींव रखी |अकबर ने यहां नया नगर बसाया जिसका नाम उसने इलाहाबाद रखा | उसके पहले तक इसे प्रयागराज के ही नाम से जाना जाता था | कुंभ मार्गदर्शक मंडल की बैठक में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था | बैठक की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल रामनाईक ने भी इस पर सहमति जताई | उन्होंने कहा कि जहां दो नदियों का मिलन होता है, उसे प्रयाग कहा जाता है | उत्तराखंड में देवप्रयाग, कर्णप्रयाग और विष्णुप्रयाग हैं |
बीजेपी ने जहां सरकार के इस कदम का स्वागत किया है वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसके विरोध में हैं | यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी कहा कि नाम बदलने से हालात नहीं बदलने वाले हैं |
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