जम्मू -कश्मीर बनेगा केंद्र शासित प्रदेश, ये होंगे बड़े बदलाव
राज्यसभा में हंगामे के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का ऐलान कर दिया है। राज्यसभा में भारी हंगामे के बीच उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कई खंड लागू नहीं होंगे। सिर्फ खंड एक बचा रहेगा। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया है। वहीं उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेगा और लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा। अनुछेद 370 रद्द होने से यह प्रभाव पड़ेगा जम्मू-कश्मीर पर-
1 भारतीय संविधान की धारा 370 को हटाने का सीधा असर यह होगा कि कश्मीर के बाहर का कोई भी व्यक्ति कश्मीर में जमीन खरीद सकता है।
2 दूसरा प्रभाव यह होगा कि कश्मीरी लड़कियाँ किसी भी भारतीय से शादी कर सकती हैं।
3 यदि कोई पाकिस्तानी लड़का किसी कश्मीरी लड़की से शादी कर लेता है तो उसको भारतीय नागरिकता भी मिल जाती है लेकिन आर्टिकल 370 के हटते ही कोई भी पाकिस्तानी शादी करके मान्यता प्राप्त नहीं कर पायेगा।
4 राज्य सरकार की नौकरियों में अन्य राज्यों के लोग भी सेलेक्ट हो सकेंगे।
5 राज्य को अपना संविधान बनाने की अनुमति थी। ऐसा अब नहीं हो सकेगा। जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान लागू होगा।
6 अब वहां फेहरा सकेंगे तिरंगा, पहले था राज्य का अलग झंडा।
7 भारतीय संविधान के भाग 4 (राज्य के नीति निर्देशक तत्व) और भाग 4 A (मूल कर्तव्य) इस राज्य पर लागू नहीं होते हैं. अर्थात
8 आर्टिकल 370 के हटते ही कश्मीर के लोगों को भारत के संविधान में लिखे गये मूल कर्तव्यों को मानना अनिवार्य हो जायेगा और उनको महिलाओं की अस्मिता, गायों की रक्षा करनी पड़ेगी।
9 आर्टिकल 370 के अनुसार रक्षा, विदेशी मामले और संचार को छोड़कर बाकी सभी कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को राज्य सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती थी, इसके हटते ही कोई भी कानून राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हो जायेगा।
10 कश्मीर के लोगों को 2 प्रकार की नागरिकता मिली हुई है; जो कि ख़त्म हो जाएगी और सबको केवल भारत का नागरिक माना जायेगा।
11 जम्मू एंड कश्मीर में भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों (राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज इत्यादि) का अपमान करना अपराध की श्रेणी में आ जायेगा।
12 सूचना का अधिकार और शिक्षा का अधिकार जैसे कानून कश्मीर में भी लागू होने लगेंगे।






















