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10 लाख अनियमित कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से खुशखबरी आई

Medhaj News 13 Sep 19 , 06:01:39 Governance
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केंद्र सरकार (Central Government) के अंतर्गत आने वाले 10 लाख अनियमित (Casual) कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से खुशखबरी आई है | कहा जा रहा है कि इन कर्मचारियों के लिए सरकार ने दीवाली मनाने का प्रबंध कर दिया है | इन सभी को अब नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा क्योंकि सरकार ने माना है कि दोनों ही बराबर काम (Equal Pay for Equal Work) करते हैं | इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधीन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के बुधवार को इस संदर्भ में आदेश दिया है | केंद्र सरकार के इस आदेश के अनुसार कि सभी अनियमित कर्मचारियों को 8 घंटे काम करने पर उसी पद पर काम करने वाले नियमित कर्मचारियों के वेतनमान (Pay Scale) के न्यूनतम मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर ही भुगतान होगा | वे जितने दिन काम करेंगे, उन्हें उतने दिनों का ही भुगतान होगा |





हालांकि आदेश संख्या 49014/1/2017 के अनुसार उन्हें नियमित रोजगार पाने का हक नहीं होगा | अभी तक इन कर्मचारियों को संबंधित राज्य सरकारों का तय किया न्यूनतम वेतन ही दिया जाता था | मसलन दिल्ली ने अकुशल श्रमिकों (Unskilled Workers) के लिए 14,000 रुपये प्रति महीने का वेतन तय किया गया था लेकिन अब इस आदेश के बाद उन्हें ग्रुप डी (Group D) के वेतनमान का न्यूनतम वेतन यानि 30,000 रुपये प्रति महीने दिया जाएगा | यानि एक बार में ही उनकी आमदनी दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी | आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अनियमित कर्मचारी का काम नियमित कर्मचारी के काम से अलग है तो उसे राज्य सरकार के निर्धारित वेतन के आधार पर भी भुगतान किया जाएगा | ऐसा करने के लिए आदेश सभी मंत्रालयों और विभागों को भेज दिया गया है | DoPT का यह आदेश समान कार्य के लिए समान वेतन के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद आया है | हालांकि सरकार की ओर से इसके लिए स्पष्ट आदेश जारी किया जा चुका है लेकिन इसके लागू होने पर ट्रेड यूनियन (Trade Union) के कई नेताओं ने संदेह जताया है | कुछ नेताओं ने कहा है कि ऐसे आदेश पहले भी दिए गए हैं लेकिन लागू नहीं हो सके हैं | सरकार ने ग्रुप सी और डी की अधिकतर नौकरियां आउटसोर्स कर निजी ठेकेदारों के जिम्मे कर दी हैं, ऐसे में आदेश को लागू करा पाना सबसे बड़ी चुनौती है | जानकार कहते हैं कि केवल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आदेश को जारी किए जाने के चलते इसे DoPT के जरिए जारी किया गया है | अगर यही आदेश श्रम मंत्रालय जारी करता तो यह सभी कर्मचारियों पर लागू होता |


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