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योगी सरकार भी प्रदेश में लागू कर सकती है ओड-ईवेन योजना

Medhaj News 4 Nov 19 , 06:01:39 Governance
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राजधानी दिल्ली के साथ ही पूरे उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हवा इतनी जहरीली हो गई है कि लोगों का सांस लेना दुभर हुआ जा रहा है। दिल्ली एनसीआर के साथ ही उत्तर प्रदेश इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यूपी के ज्यादातर बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता सेहत के लिए खतरनाक मानकों को पार कर चुकी है। जहां दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर में कुछ कमी लाने के लिए 'ऑड-ईवन' योजना को लागू किया है तो उत्तर प्रदेश के शहरों में भी इस योजना को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस मामले में बातचीत हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने एक समाचार चैनल से बातचीत में इस ओर इशारा किया है कि राज्य के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 'ऑड-ईवन' योजना लागू की जा सकती है। इसका जिम्मा राज्य परिवहन विभाग और पुलिस विभाग को सौंपा गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित, कानपुर, वाराणसी और दिल्ली के करीब स्थित शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसे कम करने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री दारा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 'ऑड-ईवन'  के फार्मूले पर बात हुई है। अगर प्रदूषण एक दो दिन में कम नही हुआ तो इसे लागू करेंगे।





ऑड-ईवन योजना कारगर है य नहीं इस पर किसी को कुछ भी पता नहीं है। इस योजना से क्या हम प्रदुषण पर नियंत्रण रख पाएंगे ये भी साफ नहीं है। आज से दिल्ली में यह योजना लागु कर दी गयी है इसका क्या असर होता है यह आने वाले दिनों में ही साफ हो पायेगा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए ऑड-ईवन योजना पर भी सवाल उठाया। जस्टिस अरुण मिश्रा ने दिल्ली सरकार से कहा कि ऑड-ईवन योजना को पीछे क्या लॉजिक है? डीजल कारों पर प्रतिबंध लगाना समझ में आता है, मगर इस ऑड-ईवन का क्या मतलब है। जस्टिस अरुण मिश्रा ने दिल्ली में ऑड-ईवन पर भी सवाल उठाया और कहा कि कार कम प्रदूषण पैदा करते हैं, इस ऑड-ईवन से आपको (दिल्ली) क्या मिल रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह वह तरीका नहीं है जिससे हम रह सकते हैं।केंद्र सरकार को कुछ करना चाहिए और राज्य सरकार को कुछ करना चाहिए' पर कुछ किया नहीं जा रहा। ये कुछ ज्यादा हो गया। कोई भी कमरा इस शहर में रहने के लिए सुरक्षित नहीं है, यहां तक ​​कि घरों में भी। हम इसके कारण अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष खो रहे हैं। केंद्र और दिल्ली सरकार क्या करना चाहते हैं? इस प्रदूषण को कम करने के लिए आप क्या करने का इरादा है? सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा से भी कहा है कि वे पराली जलाना कम करें।

 



 


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