नरेंद्र मोदी के साथ 58 कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली
नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली | दूसरी सरकार में उन्होंने कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 76 से घटकर 58 हो गई | इस सरकार में सुषमा स्वराज, मेनका गांधी, सुरेश प्रभु और राधा मोहन सिंह सरीखे नाम शामिल नहीं हुए | बीती सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने बुधवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया | मोदी सरकार के बीते कार्यकाल में वे कैबिनेट मंत्री भी थे वे इसमें शामिल नहीं हुए | जिसमें अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का नाम प्रमुख है | अब यह देखना है कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल से चुने गए कैबिनेट मंत्रियों की जगह नये लोगों को चुनकर मोदी कैबिनेट कितनी जुदा है | इस सरकार में अमित शाह की एंट्री बतौर काबीना मंत्री हुई है | शाह ने 23 मई को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव गांधीनगर सीट से पहली बार संसदीय चुनाव जीता | राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ ग्रहण के दौरान शाह ने मोदी और राजनाथ सिंह के बाद और नितिन गडकरी से पहले शपथ ली | इन सबके बीच सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम रहा एस जयशंकर का | मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जयशंकर ने पीएमओ के साथ बहुत करीबी से काम किया |

मंत्रिपरिषद में शामिल न होने वाले नामों में पूर्व ओलंपियन राज्यवर्धन राठौर, महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम और नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा शामिल हैं | स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का भी नाम मंत्रिपरिषद की सूची में शामिल नहीं था, हालांकि, नड्डा पार्टी अध्यक्ष के उत्तराधिकारी के तौर पर नड्डा को देखा जा रहा है | हालांकि, प्रधानमंत्री ने पहले कार्यकाल में उनके साथ काम करने वाले अन्य सभी प्रमुख भाजपा नेताओं को रखा, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं | प्रमुख सहयोगी शिवसेना को मंत्रिमंडल में एक सीट मिली, तो लोक जनशक्ति पार्टी से रामविलास पासवान को मंत्री बनाया गया | शिरोमणि अकाली दल ने हरसिमरत कौर बादल को फिर से मंत्री पद के लिए नामित किया | हालांकि, अपना दल के सांसद अनुप्रिया पटेल को सरकार से बाहर कर दिया गया | जनता दल (युनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सहयोगी दलों को कम प्रतिनिधित्व देने के विरोध में किसी भी सांसद को परिषद में नामित नहीं करने का फैसला किया | हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एनडीए सरकार को समर्थन देना जारी रखेगी | पश्चिम बंगाल से 2 और ओडिशा से 1 सांसद को मंत्री बनाया गया है | तमिलनाडु से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई शामिल नहीं है | मुख्तार अब्बास नकवी को मोदी सरकार में एकमात्र मुस्लिम चेहरा केंद्रीय मंत्रिमंडल में बरकरार रखा गया है |























