आज मनाया जा रहा है World Ozone Day
हर साल 16 सितंबर को वर्ल्ड ओजोन डे के रूप में मनाया जाता है। इस साल यानी विश्व ओजोन दिवस 2019 की थीम (Ozone Day Theme) '32 years and Healing' है. ओजोन दिवस (Ozone Day) का उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण के लिए लोगों को जागरुक करना है। ओजोन परत (Ozone Layer) ओजोन अणुओं की एक परत है जो 20 से 40 किलोमीटर के बीच के वायुमंडल में पाई जाती है। यह दिन ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की याद दिलाता है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को आप आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं कि यह वियना संधि के तहत ओजोन परत के संरक्षण के लिए सभी देशों के द्वारा लिया गया एक प्रण है ताकि पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित रखा जा सके। हर साल ओजोन लेयर के संरक्षण के लिए एक अलग थीम तैयार करके लोगों को इसके महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। इस साल यानी विश्व ओजोन दिवस 2019 की थीम '32 years and Healing' है। इस थीम के जरिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
(Montreal Protocol) के तहत दुनियाभर के देशों द्वारा ओजोन परत के संरक्षण और जलवायु की रक्षा के लिए तीन दशकों से किए जा रहे प्रयासों को सिलेब्रेट किया जाएगा। साल 1985 में सबसे पहले ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन परत में एक बड़े छेद की खोज की थी। वैज्ञानिकों को पता चला कि इसकी जिम्मेदार वक्लोरोफ़्लोरोकार्बन (CFC) गैस है। जिसके बाद इस गैस के उपयोग को रोकने के लिए दुनियाभर के देशों में सहमति बनी और 16 सितंबर 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किया गया था। जिसके बाद से ओजोन परत के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 1994 में 16 सितंबर की तारीख को 'अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस' मनाने का ऐलान किया। पहली बार विश्व ओजोन दिवस साल 1995 में मनाया गया था। जिसके बाद हर साल 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनियाभर के लोगों के बीच पृथ्वी को सूर्य की हानिकार अल्ट्रा वाइलट किरणों से बचाने और हमारे जीवन को संरक्षित रखनेवाली ओजोन परत के विषय में जागरूक करना है। इसके लिए 16 सितंबर को जगह-जगह सेमिनार और दूसरे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
यह दिन ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की याद दिलाता है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को आप आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं कि यह वियना संधि के तहत ओजोन परत के संरक्षण के लिए सभी देशों के द्वारा लिया गया एक प्रण है ताकि पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित रखा जा सके। हर साल ओजोन लेयर के संरक्षण के लिए एक अलग थीम तैयार करके लोगों को इसके महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। इस साल यानी विश्व ओजोन दिवस 2019 की थीम '32 years and Healing' है। इस थीम के जरिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत दुनियाभर के देशों द्वारा ओजोन परत के संरक्षण और जलवायु की रक्षा के लिए तीन दशकों से किए जा रहे प्रयासों को सिलेब्रेट किया जाएगा।
वर्ष 2018 में ओजोन डिप्लेशन का लेटेस्ट सायंटिफिक असेसमेंट पूरा हुआ। इस दौरान हुए आकलन में यह बात सामने आई कि वर्ष 2000 के बाद से ओजोन परत के क्षतिग्रस्त हिस्से में प्रतिदशक 1-3% की दर से रिकवरी हुई है। ओजोन परत का निर्माण ऑक्सिजन के तीन एटम से मिलकर होता है। यह बहुत अधिक प्रतिक्रियाशील गैस है और इसे O3 के जरिए प्रजेंट किया जाता है। इसका निर्माण प्राकृतिक रूप से भी होता है और ह्यूमन ऐक्टिविटीज से भी।


