Google ने आज का डूडल दुनिया को सिनेमा देने वाले Joseph को किया समर्पित
World News: दुनिया को चलती तस्वीरों (moving image) का तोहफा देने वाले महान भौतिकशास्त्री (physicist) जोसेफ एंटोनियो फर्डिनेंड प्लेटू (Joseph Antoine Ferdinand Plateau) को गूगल डूडल (Google doodle) में आज याद कर रहा है। आज 14 सितंबर को जोसेफ एंटोनियो की 218वीं जयंती है। दरअसल बेल्जियम में जन्मे जोसेफ एंटोनियो पहले शख्स थे, जिन्होंने लोगों के सामने चलचित्र प्रदर्शित किया था।
जोसेफ एंटोनियो ने सर्वप्रथम सन 1832 में फोनकिस्टी स्कोप का आविष्कार किया. फोनकिस्टी स्कोप से चलती हुई तस्वीरों का भ्रम होता है और इसी से आगे चलकर आधुनिक सिनेमा का जन्म हुआ. आज का गूगल डूडल जोसेफ एंटोनियो के अलग-अलग आविष्कारों, विभिन्न कल्पनाओं और कई तरह की शैलियों की सोच का प्लेटफार्म है। आज हमारे लिए वीडियो, सिनेमा जैसी चीजें बेहद आम हैं। लेकिन इनकी शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। कई अलग-अलग खोज के बाद कुछ सफल प्रयोग के कारण वीडियो / सिनेमा जैसी चीजें शुरू हो सकीं।
जोसेफ प्लेटू ने अपने शोध (Dissertation) के जरिए दुनिया को बताया कि हमारी आंखों के रेटिना पर कोई प्रतिबिंब या इमेज कैसे बनती है। वह कितनी देर रेटिना पर टिकी रहती है। आंखें कैसे उसका रंग और गहराई समझ पाती हैं।
इन सभी निष्कर्षों के आधार पर उन्होंने 1832 में एक स्ट्रोबोस्कोपिक (Stroboscopic) उपकरण बनाया जिसमें दो डिस्क लगे थे। वे एक दूसरे के विपरीत दिशा में घूमते थे। एक डिस्क में समान दूरी पर छोटी खिड़कियां बनी थीं, जबकि दूसरी पर चित्र (Photo) लगे थे। जब दोनों डिस्क को उचित गति पर घुमाया गया, तो वो चलचित्र (Motion Picture) की तरह दिखने लगे।
इसके बाद उन्होंने फिनेकिस्टिस्कोप (Phenakistiscope) का आविष्कार किया था। ये एक ऐसा उपकरण था जो सिनेमा, वीडियो के जन्म का आधार बना। गूगल ने आज जोसेफ प्लेटू के उसी आविष्कार को के आधार पर डिस्क की डिजाइन वाला डूडल बनाया है। आज उनका 218वां जन्मदिन है। गूगल के अनुसार, बाद में जोसेफ प्लेटू के आंखों की रोशनी चली गई थी। वो देख नहीं सकते थे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अपना काम जारी रखा। इसमें उनके बेटे व दामाद ने उनकी मदद की।

