मल्टीस्टार वेब सीरिज 'द फैमिली मैन की नई कहानी एक नए अंदाज में पेश
अमेजन प्राइम वीडियो पर एक वेब सीरिज 'द फैमिली मैन' रिलीज हुई है जिसमें एक स्पाई की ऐसी कहानी है दिखाई गई है जो असाधारण काम करता है लेकिन आम लोगों की तरह साधारण है | नाम से ही जाहिर है कि ये स्पाई फैमिली मैन भी है | वो आम लोगों की तरह घर खरीदने की जुगाड़ में लगा रहता है, बच्चों को स्कूल छोड़ने जाता है और जरुरत पड़ने पर सैंडविच वगैरह भी बनाता है | बच्चों को लगता है कि उसके पापा सरकारी नौकरी करते हैं क्योंकि वहां आराम होता है | पत्नी भी इस बात से नाराज रहती है कि वो परिवार को ज्यादा समय नहीं दे पाता | इस स्पाई की जिदगी में वो सब कुछ घट रहा होता है जो रोज मर्रा आपके आस पास हो रहा होता है | इस सीरिज की सबसे खास बात ये है कि ये इन दिनों देश में घट रही तमाम घटनाओं को पर बहुत ही चालाकी से कटाक्ष भी कर जाती है | हर एपिसोड से पहले इसमें ये लिखा आता है कि ये कहानी वास्तविक घटनाओं (Inspired from News Stories) से प्रेरित है | इसमें श्रीकांत के जरिए वही सब दिखाया गया है जो आप रोज खबरों में पढ़ते या देखते हैं | जैसे कि लोग ISIS क्यों ज्वाइन कर रहे? कॉलेज और यूनिवर्सिटिज में मुस्लिम छात्रों को कैसे निशाने पर लिया जाता है? सवाल करने वालों को कैसे एंटी-नेशनल करा दे दिया जाता है, कैसे गाय बचाने की आड़ में हिंदू संगठन मुस्लिमों को टारगेट बनाते हैं, वगैरह | अभी देश में कश्मीर और वहां के लोगों को लेकर बहस चल ही रही है | इसमें एक डायलॉग है- जितनी फिक्र कश्मीर की है उतनी कश्मीरियों की होती तो क्या बात होती | ऐसे गंभीर मुद्दों के बावजूद ये सीरिज भारी नहीं लगती | इसमें ह्यूमर भी है और कॉमेडी भी |

मनोज बाजपेयी के साथ उनकी पत्नी सुचित्रा के किरदार में प्रियामणि हैं | सुचित्रा वर्किंग मॉम है | श्रीकांत के साथ-साथ उनकी कहानी भी चलती है जो आगे चलकर काफी दिलचस्प मोड़ लेती है | भागदौड़ वाली इस ज़िंदगी में रिश्ते कितने अहमियत रखते हैं और उनके आयाम कैसे बदलते हैं, ये सब कुछ बहुत ही खूबसूरती से ये सीरिज दिखाती है | इस सीरिज के डायरेक्टर राज और डीके (Raj Nidimoru and Krishna D.K.) हैं | इससे पहले ये जोड़ी स्त्री फिल्म बना चुकी है जिसे काफी पसंद किया है | इनके कहानी कहने का अपना स्टाइल है और यही इस सीरिज को खास बनाती है | सीरिज की कहानी मनोज बाजपेयी के किरदार को लेकर हैं लेकिन उस बीच कई सारी कहानियां जुड़ती जाती हैं | जासूस के किरदार पर बनी आपने कई फिल्में देखी होंगी लेकिन ये नई कहानी है और उसे एक नए अंदाज में पेश किया गया है | आपको हर किरदार कहीं ना कहीं जुड़ा हुआ लगेगा | इसे देखने के लिए आपको करीब 10 घंटे खर्च करने पड़ेंगे लेकिन ये बेकार नहीं जाएगा |




























