अनुच्छेद 370 को हटाने वाले आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. वकील मनोहर लाल शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए सरकार ने आर्टिकल 367 में जो संशोधन किया है, वह असंवैधानिक है। सरकार ने मनमाने और असंवैधानिक ढंग से कार्रवाई की, सुप्रीम कोर्ट से इस अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित कर रद्द करने की मांग की गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) और अक्साई चीन इसका एक हिस्सा हैं. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि भाजपा नेता पीओके को हासिल करने के लिए अपनी जान दे देंगे और उन्होंने कहा कि जब भी वह जम्मू और कश्मीर का जिक्र करते हैं तो उसमें पाकिस्तान और चीन के कब्जे वाले क्षेत्र शामिल होते हैं।
आर्टिकल 370 है क्या और इसके हटाने के क्या मायने है? संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित कानून को लागू करवाने के लिए केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिए।























