शिवसेना नेता ने चुनाव आचार संहिता को लेकर आयोग पर निशाना साधा
लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार में जुटे नेता अपनी जुबान से केवल विपक्षी दलों के लिए ही आग नहीं उगलते है, यह देश के कानून और चुनाव आयोग को लेकर भी मर्यादा तोड़ते दिखाई देते हैं | ताजा मामला महाराष्ट्र का है | यहां शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग को लेकर विवादित बयान दिया है | संजय राउत ने देश के कानून को ना मानने वाली बात कही है | शिवसेना नेता ने चुनाव आचार संहिता को लेकर भी आयोग पर निशाना साधा है | संजय राउत ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा -चुनाव का माहौल है और मुझे बार-बार याद दिलाया जाता है कि आचार संहिता है, आचार संहिता है, तो मेरे मन में एक डर हमेशा रहता है कि आचार संहिता है | एक तो हम कानून मानने वाले लोग नहीं है, उस पर हमें लगातार याद दिलाया जा रहा है कि कानून है, आचार संहिता है | हम ऐसे लोग हैं कि भाड़ में गया कानून, आचार संहिता भी हम देख लेंगे | लेकिन जो बात हमारे मन में है, वो बात अगर हम बाहर नहीं निकालेंगे तो घुटन सी होती है | शिवसेना ने 12 अप्रैल को अपनी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी को सलाह दी कि वह राफेल सौदे पर “कम बोले”, जिसे लेकर कांग्रेस भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है | शिवसेना ने चेतावनी दी कि अनावश्यक बयानबाजी से राष्ट्रीय पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं | शिवसेना ने कहा कि अगर बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मिल रही कवरेज से संतुष्ट रहती तो नमो टीवी पर प्रतिबंध से बचा जा सकता था | शिवसेना ने कहा - कम से कम राफेल के मुद्दे पर, उनको अहंकार छोड़ने और संयम के साथ बातचीत की जरूरत है | रक्षा मंत्री से लेकर दूसरे नेताओं तक, लोग (बीजेपी में) जो चाह रहे हैं वो बोल रहे हैं | मुखपत्र में कहा गया -इससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं इसलिये हमारी सलाह है कि जितना कम बोला जाए उतना बेहतर है |


