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पाकिस्तान में 72 साल बाद खुला एक मंदिर, अभी 1100 मंदिरो का खुलना बाकी

Medhaj News 31 Jul 19,20:26:28 World
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पाकिस्तान के सियालकोट में एक हिंदू मंदिर के खुलने की चर्चा भारतीय मीडिया में ज़ोर-शोर से हो रही है | इसका नाम है शवाला तेजा सिंह मंदिर और इसे सोमवार को पूजा-अर्चना के लिए खोला गया | दिवंगत लेखक और इतिहासकार राशिद नियाज़ की लिखी किताब 'हिस्ट्री ऑफ़ सियालकोट के मुताबिक़ ये मंदिर लगभग 1,000 साल पुराना है | साल 1992 में बाबरी मस्जिद के गिराए जाने के बाद इस मंदिर पर हमला हुआ था और यह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था | पाकिस्तान में हिंदू समुदाय सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है | आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ यहां क़रीब 75 लाख हिंदू रहते हैं और भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद यानी लगभग 72 साल बाद इसे खोला गया | भारत-पाक विभाजन के दौरान और बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदुओं के अन्य धार्मिक स्थलों को काफ़ी नुक़सान पहुंचाया गया था | इसलिए शवाला तेजा सिंह मंदिर को 72 साल बाद खोले जाने को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है |





मंदिर खुलने से हिंदू समुदाय बहुत ख़ुश हैं | वो इस बात से ख़ुश हैं कि मुस्लिम बहुल इलाका होन के बावजूद उनकी एक अर्ज़ी पर मंदिर खोल दिया गया | पाकिस्तान में जब 'इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड' बना, तब यहां 1130 मंदिर और 517 ऐसे गुरुद्वारे थे जो बोर्ड की कस्टडी में दिए गए | आज उन 1130 मंदिरों में से सिर्फ़ 30 मंदिर खोले गए हैं, बाकी के 1100 मंदिर अब भी बंद हैं | वहीं, 517 गुरुद्वारों में से सिर्फ़ 17 गुरुद्वारे चल रहे हैं, बाकी 500 अब भी बंद हैं | एक अर्ज़ी डालने पर एक मंदिर 72 सालों बाद खुला है तो ये अच्छी बात है लेकिन अब भी बहुत काम बाक़ी है | जब कोई हिंदू ट्रस्ट का चेयरपर्सन बनेगा, तभी जाकर सभी 1130 और 517 गुरुद्वारे खुल सकेंगे | अगर हिंदू अध्यक्ष नहीं बनता है, तब शायद कोई बहुत देरी होगी क्योंकि अगर हर साल एक-एक मंदिर खुलता रहा तो सोचिए 1100 मंदिर खुलने में कितने साल लग जाएंगे |


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