NPR और CAA पर उद्धव आये पीएम मोदी के साथ, बोले किसी को डरने की ज़रुरत नहीं
शिवसेना प्रमुख ने यह भी साफ कर दिया कि महाराष्ट्र में एनपीआर की प्रक्रिया को उनकी सरकार आगे बढ़ाएगी। उनका बयान इसलिए अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री से मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सीएए पर मुसलमानों को डराया जा रहा है। पीएम मोदी के हवाले से उद्धव ने यह भी कहा कि एनआरसी असम के अलावा पूरे देश में कहीं लागू नहीं होने जा रहा है। माना जा रहा है कि वहां भी कांग्रेस के रुख के उलट उन्होंने एनपीआर पर आगे बढ़ने की बात कही। देखने की बात होगी कि यह मतभेद किस ओर जाता है।

एनपीआर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे
महाराष्ट्र में जारी सियासी तपिश के बीच राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद अपने सहयोगी दलों कांग्रेस-एनसीपी को झटका देते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली के दौरे पर आए उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात की। मुलाकातों के दौरान उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी मौजूद रहे।
डरने की जरूरत नहीं
मोदी से मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी से सीएए-एनआरसी और एनपीआर को लेकर मेरी बातचीत हुई। इस बातचीत में बनी समझ के आधार पर मेरा मानना है कि सीएए को लेकर किसी को डरने की जरूरत नहीं है। यह कानून किसी को देश से निकालने का कानून नहीं है और न ही किसी को निकाला जाएगा। उद्धव ने कहा कि यह सही है कि पड़ोसी देशों में उत्पीड़न के शिकार जो नागरिक हैं वे हिन्दू हैं और सीएए उन्हीं को नागरिकता देने का कानून है।
कांग्रेस-एनसीपी से अलग रुख अपनाया
सीएए-एनआरसी-एनपीआर पर उनका यह रुख कांग्रेस-एनसीपी से मेल नहीं खा रहा तो क्या गठबंधन में समस्या नहीं आएगी? इस सवाल पर उद्धव ने कहा कि वे अपनी समझ के हिसाब से बात कह रहे कि हमारे किसी भी नागरिक का अधिकार नहीं जाएगा। सीएए पर मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है और एनआरसी नहीं होने जा रहा है। जब ऐसी बात नहीं है तो फिर सीएए विरोधी आंदोलन क्यों हो रहा है...?
























