सुप्रीम कोर्ट में निर्भया गैंगरेप मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस आर भानुमति बेहोश हुईं
निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gangrape) में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के दौरान जस्टिस आर भानुमति बेहोश हो गईं। वो इस दौरान दोषियों के अलग-अलग निष्पादन पर केंद्र द्वारा दाखिल किए गए जवाब को सुन रही थीं। सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जस्टिस आर भानुमति को तेज बुखार था और अभी भी उनको बुखार है। उन्होंने बताया कि उनके चैम्बर में डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। फिलहाल बेंच ने इस मामले सुनवाई रोक दी है। इ्स मामले में अब बाद में आदेश जारी होगा। सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि निर्भया केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस आर भानुमति ने दवा भी ली थी। लेकिन सुनवाई के दौरान बेहोश होने के बाद उन्हे तत्काल उनके चैंबर में ले जाया गया।
जस्टिस अशोक भूषण और ए. एस. बोपन्ना के साथ जस्टिस आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने विनय की अर्जी पर को खारिज करने का फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया कांड के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका की अस्वीकृति को चुनौती दी गई थी। दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
























