किसानों को राहत देने के लिए सरकार आज ले सकती है एक और बिल पर फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में आज कीटनाशकों की कीमतों से जुड़े एक कानून पर फैसला हो सकता हैं | CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक Pesticide Management Bill 2020 को मंजूरी मिल सकती है | इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी | अब कंपनियां किसानों से कीटनाशकों की मनमानी कीमत नहीं वसूल पाएंगी | ऐसा करने पर 5 साल तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है | इसके लिए सरकार नया बिल लाने जा रही है | सरकार चाहती है कि कृषि रसायनों की कीमतें सस्ती रहें और ये किसानों को आसानी से उपलब्ध भी हो सकें | कैबिनेट की बैठक में Major Port Authority Bill 2020 को भी मंजूरी मिल सकती हैं | इससे 11 पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी में बदल जाएंगे | ये अथॉरिटी अपनी मर्जी से टैरिफ फिक्स कर सकेंगी | कैबिनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पास कराया जाएगा | सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार एक प्राधिकरण का गठन करेगी जो अधिसूचित कीटनाशकों को बेचने के लिए कीमत तय करेगा | मौजूदा समय में कीमतों को रेगुलेट करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है | इसके चलते कई कंपनियां किसानों से मनमानी कीमत वसूलती रही हैं |
इसके लिए, संसद में लंबे समय से लंबित पड़े कीटनाशक प्रबंधन विधेयक को पारित कराने की संभावना है | नया बिल कीटनाशक अधिनियम, 1968 की जगह लेगा | इस अधिनियम के कई कानून काफी पुराने होने से कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी बच जाती हैं | इसके अलावा, एक केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड बनाया जाएगा | यह किसानों के हितों का ध्यान रखेगा | इसमें किसानों को भी शामिल किया जाएगा | बाजार में नया कीटनाशक उतारने से पहले इस बोर्ड की अनुमति लेनी पड़ सकती है | कई बार खराब बेसअर कीटनाशक के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है | नया कानून अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप होगा | अगर कीटनाशक बनाने वाली कंपनियां नियमों का उल्लंघन करेंगी तो उन्हें 25 हजार से लेकर 50 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ेगा | मौजूदा नियमों के तहत फिलहाल 500-75,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है | इस तरह सरकार जुर्माने की रकम करीब 70 गुना ज्यादा करने की तैयारी में है | नए बिल में पांच साल तक की कैद का भी प्रस्ताव है | मौजूदा कानून में अधिकतम 2 वर्ष तक की सजा संभव है | मौजूदा कानून में, कीटनाशकों के केवल विनिर्माण, बिक्री, आयात, परिवहन उपयोग और वितरण को कवर किया गया है | प्रस्तावित कानून में, निर्यात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापनों को भी रेगुलेट किया जाएगा | सरकार लंबे समय से कीटनाशक अधिनियम, 1968 को बदलने की योजना बना रही है |
























