भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 मैच का फाइनल मुकाबला आज
भारत और वेस्ट इंडीज के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आज (बुधवार) खेला जाने वाला तीसरा और अंतिम टी20 मैच किसी टूर्नमेंट के फाइनल मुकाबले की तरह है। वजह यह है कि तीन मैचों की सीरीज के पहले दो मैचों के बाद सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। जब सीरीज बराबरी पर हो और इसके विजेता का फैसला अंतिम मैच में होना हो तो हर किसी की दिलचस्पी अंतिम मुकाबले में अपने आप बढ़ जाती है। सीरीज का यह निर्णायक मैच हाई स्कोरिंग और रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है क्योंकि पिच बैटिंग के लिए आदर्श कही जा रही है। इस स्टेडियम में बाउंड्रीज भी काफी छोटी हैं। वेस्ट इंडीज की टीम ने रविवार को दूसरा टी20 मैच जिस अंदाज में जीता, उससे उसके हौसले आसमान छू रहे होंगे। कैरेबियाई टीम सीरीज के निर्णायक मैच में यकीनन बढ़े हुए मनोबल के साथ उतरेगी। विराट कोहली की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम पर थोड़ा दबाव जरूर बन गया है। उस पर घरेलू सीरीज हारने का खतरा मंडरा रहा है।
खासतौर से सीरीज के दूसरे टी20 में जिस तरह का प्रदर्शन विंडीज टीम के बल्लेबाजों ने किया, उससे तो यही लगता है कि टीम इंडिया यदि पहले बल्लेबाजी करती है तो उसे बड़ा लक्ष्य रखना होगा और साथ ही गेंदबाजों पर भी उस लक्ष्य को बचाने का दारोमदार रहेगा। सीरीज में भारतीय टीम की फील्डिंग का स्तर आलोचनाओं के घेरे में है। भारतीय फील्डर्स ने 2 मैचों में कम से कम 7 कैच छोड़े हैं। ये कैच पकड़े गए होते तो क्या पता सीरीज में भारत 2-0 से आगे भी हो सकता था। कप्तान विराट कोहली भी दूसरे टी20 मैच के बाद कहने पर मजबूर हुए थे कि इस स्तर की फील्डिंग रही तो हम किसी भी स्कोर का बचाव नहीं कर पाएंगे। खराब फील्डिंग का सबसे बड़ा खामियाजा भारत को दूसरे टी20 में तब भुगतना पड़ा था जब वॉशिंगटन सुंदर ने लेंडल सिमंस का आसान कैच टपका दिया था।
सिमंस ने 45 गेंद में नॉटआउट 67 रन बनाकर वेस्टइंडीज की जीत सुनिश्चित की थी। दूसरा टी20 मैच पहला मौका नहीं था जब सिमंस ने बल्ले से कमाल दिखाकर भारत के मुंह से जीत का निवाला छीना था। 3 साल पहले जब मुंबई में 2016 वर्ल्ड टी20 का सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया था तब भी सिमंस भारत की जीत की राह का रोड़ा बने थे। सेमीफाइनल मुकाबला सिमंस का टूर्नमेंट में पहला ही मैच था। उन्होंने 51 बॉल में नॉटआउट 82 रन की तूफानी पारी खेली थी जिससे वेस्ट इंडीज ने 193 रन के टारगेट को 2 बॉल बाकी रहते हासिल किया था। हालांकि इस मैच के बाद अगली 12 टी20 इंटरनैशनल पारियों में वह एक भी फिफ्टी प्लस स्कोर नहीं बना सके। उन्होंने इस सूखे को खत्म किया दूसरे टी20 में जब उन्होंने नॉटआउट 67 रन की पारी खेली। सिमंस का फॉर्म में आना भारत के लिए बेशक खतरे की घंटी है। तीसरे टी20 मैच में जीत दर्ज करने के लिए भारत अपनी प्लेइंग इलेवन में एक या दो बदलाव कर सकता है। फिट होकर टीम में लौटे पेसर भुवनेश्वर कुमार पहले 2 मैचों में लय में नहीं दिखे और महंगे साबित होने के अलावा कोई विकेट तक नहीं ले सके। भुवनेश्वर की जगह मोहम्मद शमी आ सकते हैं। वहीं, स्पिन विभाग में चाइनामैन कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है।


























