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पाकिस्तान में फीकी पड़ी ईद की धूम, कीमतों के दाम छू रहे हैं आसमान

Medhaj News 5 Jun 19,20:35:43 World
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पाक‍िस्तानी मीड‍िया के अनुसार, कपड़ों और ज्वैलरी का शौक अब अमीरों के बस का रह गया है | इस ईद पर इनके दाम अब गरीबों की पहुंच के बाहर हैं | प‍िछली बार चूड़‍ियां और जूतों के दाम आम आदमी की पहुंच में थे लेक‍िन इस बार इनके दाम दुकानदारों ने बहुत ज्यादा बढ़ा द‍िए हैं | दुकानदारों ने हाल की मुद्रास्फीति के साथ इसे उचित ठहराया है | उन्होंने कहा कि चिलचिलाती गर्मी के कारण इस साल बहुत से लोग सामान खरीदने नहीं आए | इस वजह से उन्होंने अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कीमतों में वृद्धि की है | लाहौर के अनारकली बाजार में शॉपिंग करने आई एक मह‍िला बोली क‍ि मह‍िला होने की वजह से आमदनी के सीमित साधन हैं | मेरे तीन बच्चे हैं लेक‍िन इस बार ये संभव नहीं है क‍ि सबके ल‍िए नए कपड़े खरीद सकें | वहीं लाहौर की ल‍िबर्टी मार्केट में शॉप‍िंग करने आए एक शख्स ने कहा क‍ि इस बार मेहंदी और चूड़ियों के दाम भी बहुत बढ़े हुए हैं | दामों को न‍ियंत्रित करने के ल‍िए कोई रेगुलैटरी बॉडी होनी चाह‍िए | चार बच्चों के प‍िता ने दुखी होते हुए कहा क‍ि इस बार की ईद गरीबों के ल‍िए नहीं है | यह ईद स‍िर्फ एलीट और अपर क्लास के ल‍िए है जो 'नया पाक‍िस्तान' है | उन्होंने यह भी कहा कि अपनी पत्नी से घर पर अपने बच्चों के लिए कपड़े सिलने के लिए कहा था क्योंकि वह उनके लिए नए कपड़े नहीं खरीद सकती थी |





ईद के बारे में पूछने पर लाहौर के भट्टा चौक के पास बैठा एक मजदूर का गुस्सा फूट पड़ा | उन्होंने कहा कि पूरे रमजान में उन्हें कोई काम नहीं मिला और अब उनके पास अपने बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं | मेरे पास घर में खाने के लिए शायद ही कुछ है | मैं कपड़े खरीदने के बारे में कैसे सोच सकता हूं | उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें निराश किया है क्योंकि वह गरीबों के लिए राहत की उम्मीद कर रहे थे | उन्हें महंगाई के अलावा कुछ नहीं मिला | उन्होंने कहा क‍ि चुनाव प्रचार के दौरान गरीबों के उत्थान के वादे किए थे लेकिन नई सरकार इसमें बुरी तरह से विफल रही | पाकिस्‍तान में आम आदमी की मुश्किलें  बढ़ती जा रही है | अब ईद से पहले आम जरुरत की चीजों के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं | दरअसल पिछले एक महीने में पाकिस्तानी करंसी दुनिया में सबसे ज्यादा कमजोर हुई है | जिसकी कीमत पाकिस्तानियों को चुकानी पड़ रही है | पिछले नौ महीनों में पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ 28 हजार अरब रुपये को पार कर गया है और महंगाई दोगुनी हो गई है | 


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