Headline



जज़्बा

Medhaj News 12 Feb 20,23:07:17 Special Story

मुश्किलें जरुर है, मगर ठहरा नही हूं मैं

मंज़िल से जरा कह दो, अभी पहुंचा नही हूं मैं

कदमो को बांध न पाएंगी, मुसीबत कि जंजीरें,

रास्तों से जरा कह दो, अभी भटका नही हूं मैं

सब्र का बांध टूटेगा, तो फ़ना कर के रख दूंगा,

दुश्मन से जरा कह दो, अभी गरजा नही हूं मैं

दिल में छुपा के रखी है, लड़कपन कि चाहतें,

मोहब्बत से जरा कह दो, अभी बदला नही हूं मैं

साथ चलता है, दुआओ का काफिला

किस्मत से जरा कह दो, अभी तनहा नही हूं मैं....


    Comments

    Leave a comment



    Similar Post You May Like

    Trends

    Special Story

    • मैं हूँ बहता चला

    • जज़्बा

    • जीत लेंगे हम

    • अनिश्चित समय

    • सीख रही हूँ