जीत लेंगे हम
Medhaj News 11 Feb 20,00:04:27 Special Story
कितने भी बिखरे हों हालात,
उन्हें समेट लेंगे हम;
ज़िन्दगी के बिखरे कतरों को,
फिर से लपेट लेंगे हम।
कमज़ोर नहीं इतने भी, कि-
चंद हालातों से टूट जाये;
दुखों की तपिश में भी,
खुद को सेंक लेंगे हम।
राह में मिले पत्थरों से,
सफलता का पर्वत बनाएंगे;
परिश्रम के गोंद से, नाकामी की-
ईंटों को भी जोड़ लेंगे हम।
उन्हें समेट लेंगे हम;
ज़िन्दगी के बिखरे कतरों को,
फिर से लपेट लेंगे हम।
ज़िन्दगी एक समुंदर है,तो तूफां तो आएंगे ही;आने दो तूफां को,उसे भी देख लेंगे हम।कमज़ोर नहीं इतने भी, कि-
चंद हालातों से टूट जाये;
दुखों की तपिश में भी,
खुद को सेंक लेंगे हम।
ये दुनिया एक नुमाईश है,हर कदम पर आजमाइश है;हर मुश्किल, हर परीक्षा को;दृढ़ निश्चय से जीत लेंगे हम।राह में मिले पत्थरों से,
सफलता का पर्वत बनाएंगे;
परिश्रम के गोंद से, नाकामी की-
ईंटों को भी जोड़ लेंगे हम।
अगर हारे भी तो ग़म न करेंगे,अपने हौसले को कम न करेंगे;फिर खड़े होंगे,जूझेंगे,लड़ेंगे;जब तक जंग; न, जीत लेंगे हम।---(भावना मौर्य)---






















