प्रयाग में किन्नर अखाड़े की पेशवाई ऐसी निकली कि लोग देखते रह गए
15 जनवरी से कुंभ का मेला शुरू हो जाएगा प्रयागराज सज चुका है | वहां की दीवारों पर चित्रकारी हो चुकी है| सड़कों और गलियों में होर्डिंग्स लग चुकी हैं | 15 जनवरी से यहां हजारों-लाखों लोगों का आना शुरू हो जाएगा | प्रयागराज इन सभी लोगों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है | कुछ बहुत ही स्पेशल हुआ | देवत्व यात्रा निकाली गई | यानी पेशवाई निकाली गई | ये यात्रा निकाली 'किन्नर अखाड़े' ने. प्रयाग के कुंभ के इतिहास में | पहली बार किन्नरों ने पेशवाई निकाली है |

किन्नर संन्यासी हाथी, घोड़े और ऊंट पर सवार होकर शहर की गलियों से निकले | लोगों ने उनका बढ़िया से स्वागत भी किया जान लें कि किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हैं | किन्नर अखाड़े को मान्यता है ही नहीं. 13 अखाड़ों को मान्यता मिली हुई है | ये अखाड़े अनादिकाल से हैं | किन्नर अखाड़े के साथ ऐसा नहीं है | ये एक समूह है लेकिन अखाड़ा नहीं. एक दिन लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का मन किया तो उन्होंने अखाड़ा बना दिया और मान्यता मांगने लगीं ऐसे मान्यता नहीं मिलती. दूसरा- किन्नरों को संन्यास लेने का अधिकार भी नहीं है |






