ग्रेटर नोएडा में दो स्थानों पर एंटी स्मॉग गन लगाई गई
वायु प्रदूषण की समस्या के चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने गौतमबुद्ध नगर जनपद में एंटी स्मॉग गन लगाने के आदेश दिए हैं | जिसपर जिला प्रशासन ने गौतमबुद्ध में दो स्थानों पर एंटी स्मॉग गन लगाई है | ग्रेटर नोएडा में दो जगह पर एंटी स्मॉग गन स्थापित की गई हैं | प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली एनसीआर में दूसरी जगहों पर भी एंटी स्मॉग गन लगाई जाएगी | प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए जनपद में दो स्थानों पर एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं | जिसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया एवं गौड़ संस ग्रेटर नोएडा में इनको लगाया गया है | एंटी स्मॉग गन वातावरण में प्रदूषण को कम करने में मददगार साबित होगी | प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए अन्य स्थानों पर भी जल्द ही एंटी स्मॉग गन लगाई जाएंगी |
कैसे काम करती है ये एंटी स्मॉग गन
ये गन हवा में 50 मीटर ऊपर तक पानी के छोटे-छोटे कणों की बौछार कर पॉल्यूशन कम करेगी। एंटी स्मॉग गन एक ऐसा विशाल डिवाइस है, जो एक बड़े व्हीकल पर एक वॉटर टैंक से जु़ड़ा होता है। ये डिवाइस हवा में 50 मीटर ऊपर तक पानी की बौछार छोड़ सकता है।पानी के कण प्रदूषण के कणों से चिपक जाते हैं और पानी के साथ नीचे आ जाते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली से पहले हरियाणा में भी पराली और इंडस्ट्री के धुएं से बचने के लिए इस गन का इस्तेमाल किया गया था।

