World Cup Final: ओवर थ्रो पर अब जाकर ICC ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बात
मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुए विवादित फाइनल ने क्रिकेट की दुनिया में पिछले कुछ दिनों से हलचल मचा रखी ह | तमाम दिग्गज आईसीसी पर उनके नियमाें के चलते गुस्सा निकाल रहे हैं | यहीं नहीं मैच के दौरान ओवर थ्रो पर इंग्लैंड को मिले अतिरिक्त रन पर भी आईसीसी को लोगों ने आड़े हाथों ले लिया है | इतनी उठा-पटक के बाद आखिरकार आईसीसी ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है | लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला सुपर ओवर में भी टाई रहा, जिसके बाद मेजबान इंग्लैंड को सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया | वही मैच के दौरान एक ओवर थ्रो पर जहां इंग्लैंड को पांच रन मिलने चाहिए थे, अंपायर ने छह रन दे दिए और इस अतिरिक्त रन ने शायद इस मुकाबले का परिणाम ही बदल दिया | इस विवादित रन पर पहली बार आईसीसी के प्रवक्ता ने सफाई दी और कहा कि यह किसी फैसले पर टिप्पणी करनी की नीति के खिलाफ है | प्रवक्ता ने कहा कि आईसीसी रूल बुक में दिए नियम की व्याख्या के आधार पर ही ऑन फील्ड अंपायर फैसला लेते हैं |
forxsports.com.au से बात करते हुए आईसीसी प्रवक्ता ने कहा कि नियमों के आधार पर ही फील्ड अंपायर फैसला लेते हैं और पॉलिसी के तहत हम इस फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते | इंग्लैंड ने बाउंड्री के आधार पर न्यूजीलैंड को हराकर अपना मेडन वर्ल्ड कप जीता, लेकिन इस बाद इन दिनों का सबसे बड़ा विवाद उस समय बना, जब पूर्व अंपायर सिमोन टॉफेल ने दावा किया कि डाइव लगाते समय बेन स्टोक्स के बल्ले से गेंद लगने के बाद इंग्लैंड को एक रन अतिरिक्त दिया गया | पांच बार के आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर अवार्ड जीतने वाले टॉफेल ने कहा कि ऑन फील्ड अंपायर ने इंग्लैंड को पांच की बजाय छह रन देकर साफ तौर पर गलती की है | टॉफेल ने आईसीसी नियम 19.8 की चर्चा करते हुए इसका दावा किया | बल्लेबाज को एक अतिरिक्त रन तब मिलता है, यदि बल्लेबाज फील्डर के थ्रो से पहले क्रॉस कर ले | जबकि मार्टिन गप्टिल के थ्रो करने तक बेन स्टोक्स और आदिल रशीद ने क्रॉस नहीं किया था | जिसके दम पर इंग्लैंड ने पहले मुकाबला बराबर कर लिया और इसके बाद सुपर ओवर भी टाई रहा |

