CAA-NRC: लखनऊ समेत यू. पी. के कई जिलों में PFI ने भड़काई थी हिंसा
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में हिंसा भड़काने की पटकथा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने लिखी थी। सोमवार को लखनऊ पुलिस ने पीएफआई की इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए संगठन के स्टेट हेड वसीम अहमद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ समेत 11 जिलों में पीएफआई सक्रिय रही। इन जिलों में हिंसा में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही। इसे लोकल इंटेलिजेंस की असफलता के रूप में देखा जा रहा है। पीएफआइ बीते छह माह से लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जिलों में सक्रिय था। जुलाई और सितंबर माह में संगठन ने लखनऊ के कई इलाकों में पोस्टर चस्पा किए थे।
गुरुवार को परिवर्तन चौक, खदरा व हुसैनाबाद के पास हुए हिंसक प्रदर्शन के अगले दिन20 दिसंबर को जब संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, उसके बाद भी इस नेटवर्क के बारें में पुलिस को पता नहीं चला। वसीम लखनऊ के इंदिरा नगर का रहने वाला है। अब दो अन्य की गिरफ्तारी के बाद इनके मंसूबों का खुलासा हुआ है। लंबे समय से यूपी में पैठ जमाने की जुगत में भिड़े इस संगठन के सदस्यों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ सोशल मीडिया पर विशेष अभियान चलाकर लोगों में भ्रम फैलाया। इसके बाद विभिन्न संगठनों के साथ बैठक करके हिंसा की साजिश का ताना बना बुना था।
Kalanidhi Naithani, SSP Lucknow: Till now 33 cases have been registered in connection with protests against #CitizenshipAmmendmentAct and NRC on December 19. During investigation, a person identified as Waseem has been arrested, he is a PFI (Popular Front of India) worker. pic.twitter.com/CvwZENZUI0
कॉल डिटेल से हुआ यूपी हेड होने का खुलासा
पुलिस ने जब कॉल डिटेल व अन्य तथ्य खंगाले गए तो वसीम का झूठ बेनकाब हो गया। पता चला कि वसीम पीएफआई का यूपी हेड है। उसने संगठन के अन्य सदस्यों की मदद से विरोध को हवा देकर हिंसा भड़काई थी।डिवीजन प्रेसिडेंट व कोषाध्यक्ष भी धरे गए
वसीम से पूछताछ के बाद सोमवार को पुलिस ने बाराबंकी के कुर्सी थानाक्षेत्र के बरौली निवासी नदीम और रामनगर के इब्राहिमपुर निवासी असफाक को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि असफाक पीएफआई का डिवीजन प्रेसिडेंट है जबकि गिरफ्तार किया गया नदीम पीएफआई का प्रदेश कोषाध्यक्ष है। अशफाक के कार्यक्षेत्र में बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती और बाराबंकी जनपद हैं।
बैनर-पोस्टर समेत अन्य सामान बरामद
सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि असफाक और नदीम के पास से 26 तख्ती, 29 झंडे, 100 पैम्प फ्लेट्स व 36 पेपर कटिंग बरामद हुई हैं, जिनमें सीएबी व एनआरसी के विरोध प्रदर्शन को लेकर आह्वान किया गया है। इसके अलावा उनके पास से अयोध्या विवाद, बाबरी मस्जिद, आतंकवाद (भ्रम और सत्य) व जनवादी अधिकार आंदोलनों से जुड़े साहित्य की कई पुस्तकें मिली हैं। अधिकारियों का दावा है कि संगठन ने पश्चिम यूपी के कई इलाकों में भी हिंसा भड़काई थी। आरोपियों से पूछताछ में अन्य लोगों के नाम उजागर हुए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।




























