मेडिकल की दुनिया में एक नया फंगस चिंता का विषय, दवाइयां भी बेअसर

Medhaj News 9 Apr 19,20:27:55 World
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एक फंगल इनफेक्शन इन दिनों दुनिया के कई देशों में लोगों को दबे पांव अपना शिकार बना रहा है। दुनियाभर के विशेषज्ञों के लिए कैंडिडा ऑरिस नाम यह का फंगल इनफेक्शन मिस्ट्री बना हुआ है। यह संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद भी उसके आसपास की जगहों पर और उसके द्वारा इस्तेमाल चीजों में जीवित रहता है। खास बात यह है कि इस फंगस पर एंटी फंगल दवाएं बेअसर हैं।अमेरिका और यूरोप में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका यह संक्रमण भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका में भी अपना पैर पसार रहा है। पिछले पांच साल में यह वेनेजुएला और स्पेन में फैल चुका है। यह इसलिए और भी खतरनाक हो गया है क्योंकि लोगों को इसके बारे में जानकारी न के बराबर है। इस पर अब तक दवाएं भी नहीं बन पाई हैं। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस संक्रमण और उसके इलाज पर शोध कर रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल मई के महीने में ब्रुकलिन के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में एक बुजुर्ग व्यक्ति को भर्ती किया गया था।





ब्लड टेस्ट में सामने आया कि वह एक जीवाणु से संक्रमित है, जिसके बारे में डॉक्टरों के पास अधिक जानकारी नहीं थी। टेस्ट रिपोर्ट सामने आने के बाद डॉक्टरों ने मरीज को ICU में शिफ्ट कर दिया। पीड़ित बुजुर्ग की 90 दिन बाद मौत हो गई। टेस्ट से पता चला कि उन्हें जिस कमरे में रखा गया था, वहां की हर चीज पर कैंडिडा ऑरिस मौजूद था। इसके बाद अस्पताल को रूम की सफाई के लिए स्पेशल क्लीनिंग इक्विपमेंट का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्हें फंगस को खत्म करने के लिए सीलिंग से लेकर फ्लोर की टाइल्स तक उखाड़नी पड़ी।  यह संक्रमण दुनियाभर के विशेषज्ञों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है क्योंकि कैंडिडा ऑरिस पर एंटी फंगल दवाएं बेअसर साबित हो रही हैं। यह संक्रमण दवा प्रतिरोधी है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडर्न मेडिसिन प्रति डिफेंस विकसित कर रहा है। यह फंगस अस्पताल में मौजूद लोगों के हाथों और उपकरणों, बोट के जरिए ले जाए जाने वाले मीट, खाद से उपजाई गई सब्जियों, सीमा के पार यात्रा कर रहे यात्रियों और अन्य चीजों के आयात-निर्यात व प्रभावित मरीज के जरिए घर और अस्पताल में आने-जाने से आसानी से सभी जगह फैल जाता है।अब तक हुए अध्ययन में पता चला है कि कैंडिडा ऑरिस ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाता है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। इस फंगस की चपेट में आने से मरीज को बुखार, बदन दर्द और कमजोरी महसूस होती है। धीरे-धीरे यह मरीज को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लेता है और उसकी मौत हो जाती है।


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