टीसीएफएस ने कहा कैफे कॉफी डे के संस्थापक ने सभी कर्ज चुका दिये थे
टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज (टीसीएफएस) ने कहा है कि कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ ने अपने सभी कर्ज चुका दिये थे और सीसीडी पर कंपनी का कोई कर्ज बकाया नहीं है | टीसीएफएस का बयान ऐसे समय में आया है जब यह चर्चा है कि कॉफी क्षेत्र के दिग्गज सिद्धार्थ ने वित्तीय दबाव की वजह से अपनी जान दी है | आपको बता दें कि कैफे कॉफी डे (सीसीडी) चलाने वाले दिग्गज कारोबारी वी. जी सिद्धार्थ की कंपनी ' कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड' की देनदारी 2018-19 में दोगुनी होकर 5,200 करोड़ रुपये हो गई | इसके अलावा उनकी गैर-सूचीबद्ध रीयल्टी समेत अन्य इकाइयों पर भी कर्ज है | शेयर बाजार और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को दी गई सूचना से इसकी जानकारी मिली है | टीसीएफएस ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में सीसीडी समूह पर उसका 165 करोड़ रुपये का बकाया था लेकिन उसने मार्च, 2019 तक पूरी राशि चुका दी गयी थी |

टाटा कैपिटल लिमिटेड की सब्सिडयरी कंपनी टीसीएफएस ने कहा कि कैफे कॉफी डे समूह की किसी भी कंपनी पर उसका बकाया नहीं है | सिद्धार्थ ने शेयरों को गिरवी रखकर जुटाई थी पूंजी-सीसीडी के फाउंडर सिद्धार्थ सोमवार शाम को लापता हो गए थे और 36 घंटे की कड़ी खोजबीन के बाद बुधवार को उनका शव बरामद हुआ | सिद्धार्थ और उनके परिवार ने कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के 75 प्रतिशत से ज्यादा शेयरों को गिरवी रखा हुआ है | एक साल पहले यह आंकड़ा 60 प्रतिशत था | सिद्धार्थ की कई इकाइयां हैं , जिन्होंने बैंकों और वित्तीय संस्थानों समेत अन्य संगठनों से पैसा उधार लिया था | सिद्धार्थ ने सीसीडी के निदेशक मंडल को लिखे पत्र में कहा है कि उन पर एक निजी इक्विटी साझेदार का दबाव है , जो मुझे शेयर वापस खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है | मैंने 6 महीने पहले एक दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर इस लेनदेन का कुछ हिस्सा पूरा किया है |


