MTNL को फिर से पटरी पर लाने के लिए रिवाइवल प्लान मिल गया
वित्तीय संकट से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) को फिर से पटरी पर लाने के लिए रिवाइवल प्लान मिल गया है | सरकार की ओर से कंपनी को एक लेटर मिला है | इस लेटर में कंपनी के रिवाइवल प्लान (Revival Plan) के बारे में जानकारी दी गई है | 29 अक्टूबर को जारी किए गए इस लेटर में सरकार ने BSNL और MTNL कर्मचारियों पर खर्च कम करने, 4G स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक अलॉटमेंट और कर्ज के बोझ को कम करने के बारे में बताया गया है | इसमें सॉवरेन बॉन्ड (Sovereign Bond) और परिसंपत्तियों को बेचकर पूंजी जुटाने के बारे में जानकारी दी गई है | आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi ) की अगुवाई में हुए कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) के दौरान सरकार ने इस सरकारी कंपनी के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया था | सरकार की ओर से वीआरएस पैकेज की घोषणा हो चुकी है | टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अगर किसी कर्मचारी की उम्र 53 साल है तो 60 साल तक उसे 125 फीसदी वेतन मिलेगा. वीआरएस का मतलब है स्वेच्छा से बलपूर्वक नहीं |
अन्य टेलिकॉम कंपनियां का खर्चा मानव संसाधन पर केवल 5 फीसदी है, लेकिन इन दोनों कंपनियों का 70 फीसदी है | सरकार की ओर से मिले लेटर में कहा गया है कि VRS के लिए गुजरात मडॉल का इस्तेमाल किया जाए | गुजरात मॉडल के तहत कर्मचारियों को पूरा किये गये प्रत्येक सेवा वर्ष के लिये 35 दिन का वेतन तथा रिटायरमेंट तक बचे हुए सेवा वर्ष के लिये 25 दिन का वेतन की पेशकश की गई | इस योजना के अंतर्गत 50 साल से ऊपर के सभी कर्मचारी आएंगे | इसके अलावा एक्स ग्रेशिया अमाउंट लिमिटेड होगा | यह भी गुजरात मॉडलर पर आधारित होगा | लेकिन यह VRS के वक्त दी जाने वाली सैलरी से 125 फीसदी तक ही हो सकता है | केंद्रीय मंत्री ने कहा कि BSNL और MTNL का मर्जर होने में कुछ समय लगेगा | तब तक MTNL BSNL की सब्सिडियरी के रूप में काम करेगी | इससे 2 साल बाद बीएसएनएल को मुनाफे में लाया जा सकेगा | वित्तीय संकट से जूझ रही भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) के 15000 करोड़ रुपये के रिवाइवल प्लान को कैबिनेट (Union Cabinet) की मंजूरी दी थी |


