व्यक्ति में छिपा उसका अस्तित्व
Medhaj News 25 Dec 18,21:18:13 Special Story
शब्द किसी को बाँध नहीं सकता,
व्यंग्य किसी को रोक नहीं सकता ।
इरादे बुलंद होने चाहिए,
मुश्किलों का दौर हौसलों को हिला नहीं सकता।
व्यक्ति हालात से समझौता कर लेता है,
अथवा यदि निश्चय कर ले तो कोई उसे हरा नहीं सकता।
कई बार कुछ लोग भीड़ में खो जाते हैं,
यदि व्यक्ति स्वयं में और संयम से रहे तो उसके अस्तित्व को कोई बिगाड़ नहीं सकता।
और यदि मनुष्य विचारो का धनी हो तो,
उसे किसी के विचारों का मत गिरा नहीं सकता ।

