भारत अगले साल नवंबर तक चंद्रमा पर दोबारा सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा
भारत अगले साल नवंबर तक चंद्रमा पर दोबारा सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा | यह जानकारी इसरो से जुड़े सूत्रों ने दी है | जानकारी के मुताबिक इसरो ने विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के निदेशक एस. सोमनाथ की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जो प्रस्तावित चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) के बारे में एक रिपोर्ट तैयार करेगी | समिति को अगले साल के अंत से पहले मिशन तैयार करने के लिए एक दिशा-निर्देश दिया गया है | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के स्वर्ण जयंती दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने राष्ट्रीय राजधानी आए सिवन ने कहा था कि आने वाले महीनों में कई उन्नत उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे | सिवन ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा था - आप सबने चंद्रयान-दो मिशन के बारे में सुना है |
प्रौद्योगिकी के लिहाज से हम सॉफ्ट लैंडिंग में कामयाब नहीं हो पाए लेकिन चंद्रमा की सतह से 300 मीटर तक सभी सिस्टम चलता रहा | उन्होंने कहा - चीजें सही करने के लिए अत्यंत मूल्यवान डेटा उपलब्ध हैं | मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि इसरो चीजों को सही करने और निकट भविष्य में सॉफ्ट लैंडिंग के लिए अपने सारे अनुभव, ज्ञान और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल करेगा | सिवन से जब पूछा गया कि क्या भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से में लैंडिंग का फिर से प्रयास करेगा, तो उन्होंने कहा - निश्चित तौर पर | इसरो प्रमुख ने कहा - चंद्रयान-दो कहानी का अंत नहीं है | हमारी योजनाओं में आदित्य एल-1 सौर मिशन, इंसान को अंतरिक्ष में भेजने के कार्यक्रम पर काम चल रहा है | आने वाले महीनों में कई उन्नत उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे | उन्होंने कहा था कि दिसंबर या जनवरी में छोटा उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) छोड़ा जाएगा |





