उत्तराखंड में लोकतंत्र की हत्या खूंट के रास्ते में!

13-9-2014 4.40AM IST

Medhaj News: प्रत्येक वर्ष दस सितंबर को भारतरत्न पं. गोविंदबल्लभ पंत के गांव खूंट (जनपद अल्मोडा, उत्तराखंड) में उनकी जयंती मनायी जाती है. नेताओं से लेकर आम लोग तक इसमें हिस्सा लेने खूंट जाते हैं. आंदोलनकारी और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी भी गत वर्षों की तरह इस बार भी पंडित पंत की जयंती में भागीदारी करने खूंट के लिए रवाना हुये, उनका इरादा प्रेमभाव से मुख्यमंत्री हरीश रावत को एक ज्ञापन देना भी था. लेकिन उन्हें और अल्मोडा बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव रमेश सिंह दानू को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया. पूछा गया तो कारण कुछ भी नहीं बताया गया. खूंट जाने से रोके जाने का कोई वैध कारण नहीं बताया गया तो पीसी तिवारी वहीं आमरण अनशन पर बैठ गये.



मौके पर हंगामा हुआ तो डीएम विनोद कुमार सुमन और एसपी अशोक भट्ट दोनों वहां पहुंचे और पीसी तिवारी का कोर्ट मार्शल करते हुये कहा कि आपका इतिहास ही ऐसा है कि आपको खूंट नहीं जाने दिया जा सकता है.

गँगा आन्दोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सुंदरियाल ने बताया कि जहां तक खूंट में मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन देने का प्रश्न है, वहां अनेक लोगों ने उन्हें अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन दिये. फिर, पीसी को ही यह क्यों कहा गया के उन्हें ऐसे कार्यक्रम में ज्ञापन देने नहीं जाने दिया जा सकता है?

इसी दौरान वहां से कुमाऊं कमिश्नर भी गुजरे और पीसी ने उन्हें घटना की जानकारी दी पर वह चुपचाप वहां से खिसक गये. पीसी के साथ व्यक्तिगत संबंधों की भी उन्होंने परवाह नहीं की. एक मौकापरस्त अधिकारी से और उम्मीद ही क्या की जा सकती है?”

वहां अल्मोडा नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी और अन्य नेता भी पहुंचे. उनके इस आग्रह पर उन्होंने पीसी तिवारी ने आमरण अनशन का अपना निर्णय बदला. पीसी तिवारी के समर्थकों का कहना है कि इस घटना के विरोध में सामूहिक आंदोलन किया जाएगा.

- सुरेश नौटियाल