नवरात्रि के पावन अवसर पर दर्शन करने जाएं ‘वैष्णो देवी’, जानें महत्व...
वैष्णो देवी भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। कहते हैं पहाड़ों वाली माता वैष्णो देवी सबकी मुरादें पूरी करती है। मां के दरबार में जो कोई सच्चे दिल से जाता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है।
चैत्र मास के नवरात्रे चल रहे हैं, नवरात्रों के दौरान माता वैष्णो देवी के दर्शन करना काफी फलदायक माना जाता है। तो आपको भी इन नवरात्रों में वैष्णो देवी के दर्शन करने चाहिए।
माता वैष्णो देवी दरबार तक पहुंचने के लिए लिए आप ट्रेन, बस का प्रयोग कर सकते है। चढ़ाई के लिए यात्री-गण पैदल, खच्चरों या हेलिकॉप्टर का प्रयोग कर सकते हैं।
वैष्णो देवी मंदिर असल में एक गुफा है जो हिन्दू देवी वैष्णो देवी को समर्पित है।
देवी की तीन अलग अलग रूपों में बनी मूर्तियां यहाँ आने वाले पर्यटकों का मुख्य आकर्षण हैं, जिनमें महाकाली मृत्यु और समय की देवी, महासरस्वती ज्ञान की देवी और महालक्ष्मी धन और वैभव की देवी शामिल हैं।
श्रुधालू “जय माता दी” बोलते हुए भवन में प्रवेश करते है और फिर पवित्र गुफा में पिंडी दर्शन के बाद बाहर आ जाते हैं। इसके बाद श्रद्धालु भैरों मदिर के लिए रवाना होते हैं। जो भवन से 3 किमी की दूरी पर चढ़ाई पर स्थित है। कहा जाता है मां ने कहा था कि जो भी भक्त उनके दर्शन के लिए आएगा वे यदि भैरों बाबा के दर्शन नहीं करेगा तो उसकी यात्रा सफल नहीं मानी जाएगी।
भैरों मन्दिर के दर्शन करने के बाद आप वापस दूसरे रास्ते से नीचे लौट सकते हैं, इस तरह आपकी यात्रा पूर्ण होती है।
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