मऊ, उत्तर प्रदेश: 52 दिनो मे 7 हत्यायें
चार साल का बालक, ब्यूटीपार्लर चालक महिला मारे गये
23 सितम्बर- 6.00PM
मेधज न्यूज़ : कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से संवेदनशील जिलो मे
शुमार मऊ की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है। इसका
अंदाजा मात्र इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले मे 52 दिनो के
अंदर 7 हत्यायें हो चुकी है। इन घटनाओं से जहां पर जिला थर्रा सा गया
है, वहीं जिले की पुलिस, वाहन चेकिंग व जांच के नाम पर चैराहों पर
अवैध धन उगाही मे लगी हुई है। पुलिस के सभी दावे पूरी तरह हवा हवाई
साबित हो रहे हैं। दिन प्रतिदिन हत्या समेत अन्य आपराधिक घटनाओं से
जिले के लोगो मे पुलिस की सक्रियता को लेकर असमंजस की स्थिति
कायम है।
हत्याओं के घटनाक्रम के अनुसार 1 अगस्त को मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के कटकटी चट्टी पर सरेआम शराब व्यवसायी जलालुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। वहीं 4 अगस्त को घोसी कोतवाली क्षेत्र के तारापुर सिवान के पास स्थित ईंट के भट्ठे पर पंचदेव की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी। इसी तरह से 24 अगस्त को मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर गांव मे अपने घर के द्वार पर बैठे महीप की गोली मार दी गई|
इतना ही नही हौसला-बुलंद बदमाशो ने 10 सितम्बर को घोसी कोतवाली क्षेत्र के भटौली उद्मतिया मे 4 वर्षीय बालक बेचू का गला रेतकर हत्या कर दी। 15 सितम्बर को नगर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे के पास सोनू राय को गोलियो से छलनी कर दिया गया|
इसी दिन हलधरपुर थाना क्षेत्र के दतौड़ा गांव निवासी रामाश्रय राजभर को देर रात मे लाठी डण्डे से
पीट-पीट कर मार डाला गया। ताजे घटनाक्रमो मे 21 सितम्बर को
अली बिल्डिंग मे व्यूटी पार्लर चालिका गीता की सरेआम गोली मारकर
हत्या कर दी गयी। आए दिन हो रही हत्याओं से जहां कानून व्यवस्था की
लचर स्थिति पैदा हो गयी है, वहीं यहां पुलिसकर्मी अपराधिक घटनाओं
पर लगाम कसने के बजाए वाहनो की चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली मे
लगे हुए हैं। जिले मे बढ रही आपराधिक घटनाओं से एक तरफ व्यवसायी
वर्ग आहत है, वहीं यहां के सम्भ्रान्त नागरिकों मे व्यवस्था को लेकर काफी
असमंजस की स्थिति बनी हुई है| किसी को भी इस बात का गुमान तक
नहीं है कि कब किसकी इहलीला समाप्त हो जायेगी।