मेंडोलिन के लिए सदैव याद किये जायेंगे “पद्म श्री” श्रीनिवास: प्रधानमंत्री

20-9-2014 5.45PM IST


Medhaj News: प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्याकत संगीतकार उप्पा्लापू श्रीनिवास के निधन पर शोक व्यगक्त किया। प्रधान मंत्री ने मेन्डो्लिन उस्ताकद के समर्पण तथा संगीत के प्रति उनके दीर्घकालीन योगदान का स्मपरण करते हुए यह भी कहा कि वे सदैव याद किए जाएंगे। पद्मश्री 'मेंडोलिन' श्रीनिवास का 45 वर्ष की उम्र में असामयिक निधन हो गया है । इस खबर से संगीत की दुनिया में शोक की लहर है.

मेंडोलिन के बारे में अपनी दीवानगी बताते हुए दिवंगत श्रीनिवास के के शिष्य त्रिलोचन शास्त्री ने कहा “मेंडोलिन बहुत छोटा पर्शियन बाजा है, गिटार की तरह पर्दे होते हैं, स्पेक्ट्रम से स्ट्रोक दिया जाता है, चार जोड़ी तारें होती हैं, जिन्हें चारों उँगलियों से बजाया जाता है । आवाज़ इतनी धीमी और मधुर कि बजाने वाला ही सुन सके और मज़ा ले सके ।

पढ़ाई के दौरान मुझे पुरानी टूटी हुई मिल गई थी, कबाड़ी के यहाँ । ख़ुद बनाया और अपने ढंग से बजाया वर्षों तक । इसका दोस्तों के साथ आनंद लेने के लिए आधी रात को गंगा किनारे निकल जाते और घंटों गाना बजाना चलता, एक लत की तरह ।

मेंडोलिन श्रीनिवास के बारे में अपना संस्मरण साझा करते हुए बताया कि फिर एक बार संकटमोचन संगीत समारोह में श्रीनिवास को सुना । छोटे से, उम्र में भी, श्रीनिवास ने उसपर ग़ज़ब की दक्षिण भारतीय लयकारियाँ और बंदिशें दीं, वायलिन की तरह । मैं पगला गया । मैं उनसे मिला और अपने बजाने के वारे में बताया । ताकि उनसे कुछ सीख सकूँ । उन्होंने मेरी भावनाओं पर ध्यान ही नहीं दिया, "आप भी मेंडोिलन बजाते हैं?" और मेरे पैरों पर झुक गए । इस तरह उस कलाकार ने मुझे विनम्रता का पाठ पढ़ाया । मैं जब भी मेंडोलिन को देखता हूँ श्रीनिवास याद आते हैं, तब से । मेंडोलिन श्रीनिवास मेरे गुरु थे ।

मेंडोलिन श्रीनिवास के निधन से संगीत की दुनिया और उनके मुरीदों को गहरी क्षति हुई है.