19 अक्टूबर 2018, विजयादशमी के दिन ही तेज रफ्तार ट्रेन 59 लोगों को रौंदते हुए निकल गई थी
शहर स्थित जोड़ा फाटक, 19 अक्टूबर 2018, विजयादशमी (VijayaDashmi) का दिन, लोगों की भीड़ रावण दहन देख रही थी | इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन (Train) आई और 59 लोगों को रौंदते हुए निकल गई | देखते ही देखते उत्सव मातम में बदल गया | आज उस बात को पूरा एक साल गुजरने को आया लेकिन अभी तक मृतकों के परिजन न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं | ऐसे ही पीड़ितों ने मंगलवार को जोड़ा फाटक पहुंच कर प्रदर्शन किया | इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के विरोध में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया | प्रदर्शनकारी सिद्धू और उनकी पत्नी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोड़ा फाटक की तरफ बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया |
ऐसे में सभी रास्ते में ही रुक गए और वहीं पर प्रदर्शन किया | प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछल एक साल से इंसाफ की मांग की जा रही है | हादसे की जिम्मेदार व्यक्ति को अभी तक सजा नहीं दी गई | अमृतसर से विधायक सिद्धू और उनकी पत्नी ने हादसे के बाद बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन सरकार ने पांच लाख रुपये देकर पल्ला झाड़ लिया | वह भी सभी पीड़ितों को नहीं मिले | प्रदर्शनकारियों के साथ अकाली दल के नेता विक्रम मजीठिया भी पहुंचे थे | वहीं अमृतसर के डीसीपी जगमोहन सिंह ने कहा कि हमने रेलवे अधिकारियों को रेल ट्रेक पर व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कहा है | साथ ही पुलिस की टीमें भी रेलवे पटरियों के आस पास मौजूद रहेंगी और लोगों को रेलवे ट्रेक पर जाने से रोकेंगी | साथ ही इस साल रावण दहन का कोई भी कार्यक्रम रेलवे पटरियों के आसपास आयोजित नहीं किया जा रहा है |


