अलग-अलग फैसले ले कर एक-दूसरे की मुश्किल बढ़ा रहे चाचा-भतीजे
भले ही इन दिनों समाजवादी पार्टी में शांति का वास नजर आ रहा हो, लेकिन अंदर ही अंदर पार्टी में शीतयुद्ध जैसी स्थिति दिखाई पड़ रही है। चाचा-भतीजे के बीच चल अनबन बढ़ती ही जा रही है। भले ही सामने एक-दूसरे को उन्होंने अपना लिया हो, लेकिन दोनों अलग-अलग फैसले ले कर एक-दूसरे को चिढ़ाने की कोशिश में लगे हैं।
अखिलेश ने शिवपाल यादव को चिढ़ाने व परेशान करने के लिए उनके विरोधी को राज्यमंत्री का दर्जा दे रहे हैं। उन्होंने जावेद आब्दी को सिचाईं विभाग में सलाहकार पद सौंप दिया है।
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शिवपाल जावेद आब्दी की नौकझोंक को तो दुनिया ने देखा है, शिवपाल यादव ने रजत जयंती कार्यक्रम में अखिलेश यादव के पक्ष में नारेबाजी करते हुए उन्हें धक्का मारा था।
अखिलेश द्वारा लिए इस फैसले को देखकर चाचा शिवपाल कैसे पीछे रहते। उन्होंने भी समय देखकर बदला ले लिया। 23 प्रत्याशियों वाली लिस्ट में उन लोगों को शामिल किया, जिनका विरोध अखिलेश करते हैं। यही नहीं जिन लोगों का अखिलेश स्पोर्ट करते हैं, उन लोगों की टिकट काटे बिना चाचा जी नहीं माने।
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