बिलावल भुट्टो की रंगीन जिंदगी और कश्मीर पर बयान

22-9-2014 11.45AM IST
Medhaj News: पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और पूर्व प्रधानमंत्री भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो की पिछली कारस्तानियों को अभी पब्लिक भूली भी नहीं थी कि एक और नया बयान मीडिया में सुर्खियाँ बटोर रहा है.

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा कि मैं कश्मीर वापस लूंगा, पूरा का पूरा और मैं इसका एक इंच भी नहीं छोडूंगा, क्योंकि बाकी सूबों की तरह यह भी पाकिस्तान का है।

गंभीर बात ये है कि साउथ एशिया में बिलावल भुट्टो जैसे अगंभीर और प्लेबॉय की छवि रखने वाले तथाकथित नेता बड़ी बड़ी पार्टियों के चेयरमैंन हैं. हम ये मानते हैं की किसी की निजी जिंदगी एक व्यक्तिगत मामला है और उसे राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए. लेकिन जब हाई सोसाइटी की अराजनैतिक प्रवृत्तियां राजनीति में दखल देने लगे तब हमारे कान खड़े हो जाने चाहिए. बिलावल भुट्टो की निजी जिंदगी की कुछ तस्वीरें देखिये...



रंगरेलियों में मस्त बिलावल भुट्टो



भुट्टो की इन्ही कारस्तानियों की वजह से पाकिस्तानी बुद्धिजीवी वर्ग उनका मजाक उडाता है और उनकी परिपक्वता पर सवाल खड़े होते रहते हैं.

ये तो कुछ भी नहीं है. कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री के साथ बिलावल भुट्टो की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें छपी थी. उसका एक नमूना ये है ..



कश्मीर में इस समय बाढ़ के कारण भयंकर तबाही मची हुई है. ये तबाही केवल भारत के हिस्से वाले कश्मीर तक सीमित नहीं है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का भी एक बड़ा हिस्सा इस बाढ़ से तबाह हुआ है. लेकिन बिलावल भुट्टो कश्मीर को पाकिस्तान में लेने के साथ ये भी तो कह सकते थे कि कश्मीर में दोनों तरफ जो जान-माल का नुकसान हुआ है, उससे उनको दुःख है. उनका दोनों तरफ की कश्मीरी जनता के दर्द से एकदम अछूता होना भी एक अचम्भा है. बिलावल की मानवद्वेषी (cynical) मन:स्थिति से केवल एक बात उभर के आती है की वो इमरान खान की बढती लोकप्रियता से परेशां हैं और प्रतिस्पर्धा में भारत के खिलाफ ज़हर उगल रहे हैं.

किसी राजनैतिक पार्टी के अध्यक्ष का पद जिम्मेदारी का पद होता है. . फिलवक्त में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ जब भारत के साथ बातचीत और शांति बहाल करने के प्रयास में लगे हुए हैं, ऐसे समय इस बयान क्या मतलब है ?

इस बयान पर बिलावल को मीडिया हवा दे रहा है. वेद प्रताप वैदिक के अनुसार पकिस्तान में ऐसे बहुत से बेवकूफ हैं जो भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए अपनी राजनीति करते हैं. ऐसे लोगों की बातों पर इतना जोर दिए जाने की जरुरत नहीं.

इस बयान के इर्द गिर्द एक इत्तेफाक और भी है. पाकिस्तान की एक हाई प्रोफाइल महिला जर्नलिस्ट को ज़रदारी और भुट्टो परिवार के काफी करीब माना जाता है. महिला के भाई को इजरायली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद का प्रमुख भी बताया जाता है.

पाकिस्तानी वेबसाइटों पर महिला पत्रकार के हाई प्रोफाइल रिश्तों को देख कर तो लगता है कि पाकिस्तानी सत्ता पक्ष हो या विपक्ष कोई भी बेगाना नहीं.

अनुभवी रणनीतिकार कहते हैं कि राजनीति में कुछ भी अप्रत्याशित नहीं होता और नए घोड़ों पर दांव लगाने वालों के लिए बिलावल एक ताज़ा चेहरा है.