सुभाष गुप्ता हत्याकांड में 7 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
हिसार (Hisar) के नामी वकील सुभाष गुप्ता हत्याकांड (murder case) मामले में शनिवार को हिसार की अदालत ने 7 दोषियों को आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा सुना दी है | आरोपियों पर अदालत ने 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है | फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अदालत के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की है | मामले के बारे में जानकारी देते हुए मृतक सुभाष गुप्ता के बेटे एवं एडवोकेट रोज गुप्ता ने बताया कि 2017 में अर्बन एस्टेट निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष गुप्ता की हिसार शहर के बीचों बीच दिन दहाड़े चाकू मारकर हत्या करने के मामले में मृतक सुभाष के समधी पवन बंसल सहित सात लोगों को अदालत ने सजा सुना दी है | दोषियों में पवन बंसल के अलावा हिसार के पवन उर्फ पांडा, सुनील कुमार, कुलदीप कुमार, गुलशन उर्फ गुल्लू, संजीव उर्फ संजू और मिरकां गांव के नरेश कुमार शामिल हैं | चारों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया | मृतक सुभाष गुप्ता के बेटे एडवोकेट रोज गुप्ता के अनुसार 24 जनवरी 2017 को वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष गुप्ता अपनी इनोवा गाड़ी में सवार होकर दोपहर के वक्त कोर्ट से निकले थे | रास्ते में एक बाइक गाड़ी के आगे आकर रुकी | उसी दौरान खाली प्लाट से सात से आठ युवक निकल आए और हमला कर दिया | चाकुओं से सुभाष गुप्ता पर भी कई वार किए गए | ऐेसे में उनकी मौत हो गई | पुलिस (Police) की छानबीन में पता चला था कि वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष गुप्ता के बेटे रोज गुप्ता की शादी मुख्य आरोपी पवन बंसल की बेटी शालू से हुई थी | वारदात से कुछ माह पहले तक पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई थी | इस हत्याकांड का मुख्य कारण पवन बंसल द्वारा खुद की बेटी को दु:खी देखा जाना बताया गया | जिसके बाद पवन ने अपनी एजेंसी में काम करने वाले युवकों और उनके दोस्तों की सहायता से वारदात को अंजाम दे दिया | अदालत के फैसले के बाद रोज गुप्ता ने इसे अन्याय पर न्याय की जीत वाला फैसला बताया है | पुलिस जांच में सामने आया था कि समधी पवन बंसल अपनी बेटी शालू के आंसुओं को देखकर गुस्से में था | पवन बंसल के पास नौकरी कर रहे नरेश मीरकां को भाई कहकर जब शालू रोई तो वह भी गुस्से में आ गया था | वारदात के लिए नई गैंग बना डाली थी |


