'आम जनता की समस्या'
20-9-2014 3.05PM IST
Medhaj News: बढ़ाते हुए आधुनिक विकास के साथ - साथ हिंदुस्तान को एक और मेट्रो सिटी मिल गयी -
'लखनऊ' | आज लखनऊ में भी वह सारी सुख सुविधायें हैं, जो किसी भी मेट्रो सिटी में होती
हैं | जैसे - अस्पताल, मल्टीप्लेक्स, विश्व - विद्यालय और कॉलेज, कान्वेंट स्कूल, बड़े बड़े
अपार्टमेंट्स आदि | आज भी यहाँ विकास के नाम पर उन्ही बनी - बनायी सड़को की मरमत की
जाती है, जहाँ इसकी कोई जरुरत ही नहीं है और वी.आई.पी क्षेत्र को ही चमकाया जाता है,
जैसे - गोमती नगर, हजरतगंज, इंदिरा नगर, कैंट आदि | जो जिस क्षेत्र का समासद या नेता है,
वह उसी क्षेत्र में अपने घर या आस - पास के क्षेत्र को विकसित करता रहता है | बाकी बेचारी
जनता तो केवल वोट देने के लिए है न कि अपने द्वारा चुने गए किसी सांसद से किसी समस्या के
निराकरण की उम्मीद करने के लिए |
इसी कड़ी में आप लखनऊ एअरपोर्ट से जुड़ा हुआ क्षेत्र (जिसे लोग चिल्लवा गावं के नाम से भी
जानते हैं ) को ही ले सकते हैं | कहने को तो ये यह एअरपोर्ट से जुड़ा क्षेत्र है और लखनऊ
एअरपोर्ट की नयी बिल्डिंग से निकलते ही बायीं ओर स्थित है | जाने कितने ही राजनीतिक हस्तियाँ
व पत्रकार इस एअरपोर्ट से निकलते है, परन्तु किसी की भी दया –दृष्टि इस गावं पर नहीं पडी कि
एक इंटरनेशनल एअरपोर्ट के पास यह एरिया अविकसित क्यों है ? यदि इस क्षेत्र का भ्रमण किया
जाये तो इस छोटे से क्षेत्र में ( तीन न. चौराहे से एअरपोर्ट - नादरगंज के बीच का क्षेत्र ) ही 6 - 7
तालाब जगह जगह जल भराव और टूटे - फूटे खड़जे मिल जायेंगे | यहाँ पर सीवरेज सिस्टम के
नाम पर तो कुछ और नहीं और जो थोड़ी सी सुरुआत हुई भी है, इसके भी पूरा होने के आसार कम
ही दिखाते हैं | बारिश के मौसम में यह एरिया, समुद्र के बीच में बसे किसी टापू के सामान हो जाता
है और मुख्या सड़क मार्ग से जुड़ने के लिए दुपहिया वहां तो दूर, पैदल जाना भी मुस्किल हो जाता है
|बच्चों को स्कूल जाने में समस्यायें होती है | यहाँ के सड़को के नाम पर जो खड़ंजे बने हुए है, वहां
पर भी कई जगहों पर पूरे साल पानी व कीचड़ भाडा होता है | हा अगर गावं के बीच में जाकर देखेंगे,
वो जो थोड़ा विकसित एरिया मिल जाये, तो समझ जियेगा कि यहाँ आस-पास किसी सभासद का
घर है |
ये तो एक नमूना है | सोचिय, इंटरनेशनल एअरपोर्ट से जुड़े क्षेत्र की ये हालत है तो सहर के बाहरी
क्षेत्रों का क्या हाल होगा |
(भावना मोर्या )