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चीन की गलतियों की सज़ा भुगत रही पूरी दुनिया, रोका जा सकता था कोरोना वायरस

Medhaj News 3 Feb 20,22:26:09 World
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चीन के वुहान शहर से शुरू हुए जानलेवा कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया झेल रही है | यह वायरस कहां से आया? शहर के बाहर वायरस कैसे फैला? ऐसे कई सवाल लोगों के जेहन में घूम रहे हैं | एक छोटे से शहर से निकलकर विशालकाय रूप लेने वाले कोरोना वायरस के फैलने के लिए अब चीनी सरकार और स्वास्थ्य प्रबंधकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है |





एक रिपोर्ट के अनुसार, वुहान के एक अस्पताल में डॉक्टर ली वेनलियांग ने 30 दिसंबर को 7 मरीजों को रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित पाया था | इसके बाद उन्होंने सतर्कता बरतते हुए उन्हें तुरंत आइसोलेशन वॉर्ड में रखने के आदेश दिए | एक ऑनलाइन ग्रुप चैट पर उन्होंने इसके बारे में जानकारी भी दी थी | तभी चैट पर उनसे एक व्यक्ति ने सवाल किया - साल 2002 में करीब 800 लोगों की जान लेने वाली भयंकर एसएआरएस नामक बीमारी वापस आ गई है? स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस चैट के लीक होते ही हरकत में आ गए |  उन्होंने उसी वक्त डॉक्टर ली को बुलाया और उनसे पूछा कि उन्होंने यह सूचना लोगों के साथ क्यों शेयर की |





इस घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने डॉक्टर ली की कार्यवाही को गैर-कानूनी ठहराया और उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर ले लिए | यह प्रकोप एसएआरएस का नहीं, बल्कि कोरोना वायरस का था | इसी कोरोना वायरस के चलते आज पूरी दुनिया में लोग खौफ के साए में जी रहे हैं | इस वायरस के चलते अब तक करीब 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है | इतना ही नहीं, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने अब तक करीब 14,380 से ज्यादा लोगों को शिकार बनाया है | मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस को लेकर चीनी सरकार ने काफी लापरवाही बरती है | राजनीतिक शर्मिंदगी और लोगों में खौफ के डर से सरकार ने इसे प्राथमिक चरण पर रोकने की पूरी कोशिश नहीं की | कोरोना वायरस का मूल गढ़ वुहान शहर के उस बाजार को बताया जा रहा है, जहां करीब 112 किस्म के जानवरों के मांस का कारोबार होता है | सूत्रों की मुताबिक, यहां सड़े-गले मांस की वजह से यह वायरस पहले सांप में दाखिल हुआ | ऐसे ही किसी सांप को खाने की वजह से इस वायरस ने इंसान के शरीर में जगह बनाई |





वुहान के स्थानीय नागरिकों, डॉक्टर्स, सरकारी बयानों और चीन की मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद यह बात साबित होती है कि सरकार ने वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद सात हफ्ते का वक्त बर्बाद कर दिया | रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर में ही सामने आ गया था, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से लेने में देरी दिखाई |  सरकार की ओर से जनवरी में कोरोना वायरस को लेकर पहला बयान जारी किया गया | वायरस फैलने के बाद सरकार ने अधिकारियों और डॉक्टर्स पर चुप रहने के लिए दबाव बनाए रखा | जानकारी मिलने के अभाव में लोग इस वायरस से अनजान रहे और सही समय पर अपना बचाव नहीं कर पाए |  वुहान के बाजारों पर भी यह कहकर ताले लगाए गए थे कि यहां की दुकानों को रेनोवेट किया जाना है | अगर पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स और मेडिकल प्रोफेशनल्स ने लोगों को सही समय पर आगाह किया होता तो शायद इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोका जा सकता था | एक हेल्थ एक्सपर्ट यंजहोंग हुआंग ने कहा - स्थानीय हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से लोगों को अलर्ट करने के लिए किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई |


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