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ईरान में बड़े हमले के बाद, ट्रम्प ने इराक पर क्यों अब तक का सबसे बड़ा प्रतिबन्ध लगाने की कही बात

Medhaj News 7 Jan 20,18:18:27 World
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खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान(Iran) के बीच बढ़ते तनाव के जद में ईराक (Iraaq) भी आ चुका है। ईराक की संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर अमेरिकी सेना को वापस जाने का आदेश दे दिया है। अमेरिका ने शुक्रवार को सुबह इराक की राजधानी बगदाद के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ड्रोन से हमला कर ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की हत्या कर दी। इसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अल-खामनेई ने सही समय आने पर इसका बदला लेने की बात कही है। अगर ईरान अमेरिका पर कोई भी जवाबी कार्रवाई करता है तो इससे इराक पर भी खतरा पैदा हो सकता है। इससे बचने के लिए इराक ने यह कदम उठाया है।





इसके जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईराक पर भी अभी तक का सबसे बड़ा प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर दिया है। दोनो देशों के बीच हालात बिगड़ने से सबसे ज्यादा भारत पर असर पड़ने की आशंका सरकार को सताने लगी है।

इसके पीछे वजह यह है कि अभी भारत सबसे ज्यादा कच्चा तेल ईराक से ही खरीद रहा हैं और अगर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होता है या ईराक में तेल उत्पादन पर असर पड़ता है। भारत के दो प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता देश वेनेजुएला व ईरान पहले से ही संकट में है। ईराक पर संकट गहराता है तो यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक खबर होगी। सोमवार को शेयर बाजार की मंदी और मुद्रा बाजार में रुपये की कीमत में आइ गिरावट के लिए भी मुख्य तौर पर इसी चिंता को वजह बताया जा रहा है।

तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि ईरान व अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात बनने के बावजूद हमें तेल आपूर्ति को लेकर बहुत ज्यादा चिंता नहीं है क्योंकि भारत अभी ईरान से कोई तेल नहीं खरीद रहा है। दूसरी तरफ ईराक वर्ष 2018-19 में सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश था और इस साल भी रहने के आसार है। हालांकि अभी तक सरकारी व निजी क्षेत्र की तेल कंपनियों को ईराक से होने वाली तेल आपूर्ति में भी कोई बाधा नहीं आई है।

क्रूड ऑयल की कीमत 5 फीसद बढ़ी

उक्त अधिकारियों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। अभी देश के समक्ष तेल की आपूर्ति को निर्बाध रखने को सुनिश्चित करना है। कीमतों में हो रही वृद्धि अभी दूसरी वरीयता पर है। सनद रहे कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले दो कारोबारी दिनों में क्रूड की कीमत तकरीबन 5 फीसद बढ़ी है और सोमवार को बेंट क्रूड की कीमत 69.62 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची है।



 


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