क्यों होता है कुंभ का आयोजन , जाने स्नान की तारीखें

Medhaj News 13 Jan 19,15:29:29 World
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जब भी बात होती है कुंभ की तो उत्साह दोगुना और अध्यात्म चरम पर होता है |  इस साल संगम के पावन तट पर लगने वाले अर्ध कुंभ मेले के आयोजन की तैयारी पूरी हो चुकी हैं | इंतजार है मकर संक्रांति का क्योंकि इसी दिन अर्ध कुंभ का पहला स्नान होगा | कुंभ को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं जिनमें प्रमुख कथा समुद्र मंथन के दौरान निकलने वाले अमृत कलश से जुड़ी है |  महर्षि दुर्वासा के शाप के कारण जब देवता कमजोर हो गए तो दैत्यों ने देवताओं पर आक्रमण कर उन्हें परास्त कर दिया | तब भगवान विष्णु ने उन्हें दैत्यों के साथ मिलकर क्षीरसागर का मंथन करके अमृत निकालने की सलाह दी | क्षीरसागर मंथन के बाद अमृत कुंभ के निकलते ही इंद्र के पुत्र ‘जयंत’ अमृत-कलश को लेकर आकाश में उड़ गए | उसके बाद दैत्यगुरु शुक्राचार्य के आदेश पर दैत्यों ने अमृत को वापस लेने के लिए जयंत का पीछा कर उसे पकड़ लिया | अमृत कलश पर अधिकार जमाने के लिए देव-दानवों में बारह दिन तक लगातार युद्ध होता रहा | इस युद्ध के दौरान पृथ्वी के चार स्थानों प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक में कलश से अमृत बूंदें गिरी थीं | शांति के लिए भगवान ने मोहिनी रूप धारण कर सबको अमृत बांटकर देव-दानव युद्ध का अंत किया | तब से जिस-जिस स्थान पर अमृत की बूंदें गिरीं थीं, वहां कुंभ मेले का आयोजन होता है |





कुंभ मेले के शाही स्नान की तारीखें



14-15 जनवरी 2019 - मकर संक्रांति, पहला शाही स्नान



21 जनवरी 2019 - पौष पूर्णिमा



31 जनवरी 2019 - पौष एकादशी स्नान



04 फरवरी 2019 - मौनी अमावस्या, मुख्य शाही स्नान, दूसरा शाही स्नान



10 फरवरी 2019 - बसंत पंचमी, तीसरा शाही स्नान



16 फरवरी 2019 - माघी एकादशी



19 फरवरी 2019 - माघी पूर्णिमा



04 मार्च 2019 -  महा शिवरात्रि




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