Headline



बापू नादकर्णी के नाम टेस्ट क्रिकेट में बड़ा कारनामा...

Medhaj News 12 Jan 20 , 06:01:40 Sports
cricket.png

बापू नादकर्णी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा नाम है, जो अद्भुत रिकॉर्ड रखते हैं | उन्हें सबसे कंजूस गेंदबाज के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा | बापू ने अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी की बदौलत 1964 में मद्रास के नेहरू स्टेडियम में अंग्रेजों को रन के लिए तरसाया था | यहां खेले गए टेस्ट मैच के दौरान उन्होंने एक के बाद एक 131 गेंदें फेंकीं, जिन पर एक भी रन नहीं बना | उस पारी में उन्होंने कुल 32 ओवरों में 27 मेडन फेंके, जिनमें लगातार 21 मेडन ओवर थे | और 5 रन ही दिए |





उनका गेंदबाजी विश्लेषण रहा- 32-27-5-0 | बापू नादकर्णी के चार स्पेल- पहला स्पेल: 3-3-0-0, दूसरा स्पेल: 7-5-2-0, तीसरा स्पेल: 19-18-1-0, चौथा स्पेल: 3-1-2-0 , वे नेट्स पर सिक्का रखकर गेंदबाजी करते थे | उनकी बाएं हाथ की फिरकी इतनी सधी थी कि गेंद वहीं पर गिरती थी | टेस्ट करियर में बापू की 1.67 रन प्रति ओवर की इकोनॉमी रही | बापू 41 टेस्ट खेले, 9165 गेंदों में 2559 रन दिए और 88 विकेट झटके | क्रिकेट के हर डिपार्टमेंट में माहिर बापू न सिर्फ अपने स्पिन से बल्लेबाजों का बांधा, बल्कि उनकी बल्लेबाजी भी गजब की थी | वे एक हिम्मती फील्डर भी थे, जो फील्ड पर बल्लेबाज के सामने खड़े होते थे | बापू ने इंग्लैंड के खिलाफ 1963-64 सीरीज में कानपुर में नाबाद 122 रनों की पारी खेलकर भारत को हार से बचाया था |


    Comments

    Leave a comment


    Similar Post You May Like

    Trends