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2 अक्टूबर से भारत में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर लग सकता है बैन

Medhaj News 29 Aug 19,18:29:31 Science & Technology
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पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश में ‘नो प्लास्टिक’ का आह्वान किया। अपने भाषण में प्लास्टिक बैग का उपयोग नहीं करने और इससे दूर रहने का आग्रह भी किया, इसके बाद से ही प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ पूरे देश में अभियान शुरू हो गया है। रेल मंत्रालय के निर्देश में कहा गया है कि 2 अक्टूबर से 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक सामग्री के एकल-उपयोग पर प्रतिबंध लगा दें। रेल मंत्रालय के आदेश के मुताबिक रेलवे में सिंगल यूज प्लास्टिक पर तुरंत प्रभाव से पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही रेलवे के सभी वेंडर्स को प्लास्टिक के कैरी बैग का इस्तेमाल बंद करने लिए जागरुक करने को कहा गया है। साथ ही सलाह दी गई है कि दोबारा इस्तेमाल में आने वाले पर्यावरण के अनुकूल बैग यानी की ईको फ्रेंडली बैग का इस्तेमाल किया जाए।



क्या होता है 'सिंगल यूज प्लास्टिक'?



चालीस माइक्रोमीटर (माइक्रॉन) या उससे कम स्तर के प्लास्टिक को सिंगल यूज प्लास्टिक कहते हैं। प्लास्टिक के थैले (पॉलीथीन), स्ट्रॉ, पानी की बोतल और भोजन का सुरक्षित रखने वाले पैकेट सिंगल यूज प्लास्टिक के ही बने होते हैं। यह ना आसानी से नष्ट होता है और ना ही इसे रिसाइकिल किया जा सकता है। इसलिए इसे सिंगल यूज प्लास्टिक कहते हैं। विडंबना यह है कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में सबसे ज्यादा प्रयोग सिंगल यूज प्लास्टिक का ही होता है। इस प्लास्टिक की रसायनिक संरचना ऐसी होती है कि यह आसानी से नष्ट नहीं होता है। जमीन के अंदर दबाया गया प्लास्टिक मिट्टी के जरिये यह पानी में जाता है और फैलकर प्रदूषण फैलाता है। वहीं प्लास्टिक को जलाने से हवा प्रदूषित होती है।





एक अनुमान के मुताबिक प्लास्टिक के जलने से उत्सर्जित होने वाली कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा 2030 तक तीन गुनी हो जाएगी। हालांकि देश के कई राज्यों में प्लास्टिक के थैले पर पहले से ही प्रतिबंध लगा है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार देश के 18 राज्यों में प्लास्टिक थैलों पर पूरी तरह प्रतिबंध है जबकि पांच राज्यों में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर प्लास्टिक के थैले के प्रयोग पर पाबंदी लगी है। हालांकि प्रतिबंध के बावजूद अधिकतर जगहों पर इसका धड़ल्ले से उपयोग होता है। हालांकि केंद्र सरकार लगातार इस पर चिंता जताती रही है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसके विषय में एक बार कहा था - प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग करने पर सरकार कठोर कानून लाकर दंड का प्रावधान करेगी। नियम तोड़ने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण के बाद उन्होंने अपने इस संकल्प को एक बार फिर से दोहराया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के थैलियों के खिलाफ और कपड़े की थैलियों के प्रयोग के लिए देश में एक आंदोलन चलाया जाएगा, जो 2 अक्टूबर से शुरू होगा।   


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