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भारत को जल्द मिलेगा पनडुब्बीरोधी युद्धपोत INS Kavaratti, दुश्मन का रडार भी नहीं पकड़ पाएगा

Medhaj News 28 Jan 20,20:58:45 Science & Technology
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कोलकाता: नौसेना को पनडुब्बीरोधी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती जल्द मिल सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियरर्स (जीआरएसई) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल वीके सक्सेना ने यह जानकारी दी। रडार की पकड़ में नहीं आने वाले इस युद्धपोत से नौसेना की ताकत में इजाफा होगा।

सक्सेना ने बताया कि 'कवरत्ती' उन 4 पनडुब्बीरोधी युद्धपोतों में से अंतिम है जिनका निर्माण जीआरएसई ने परियोजना पी-28 के तहत भारतीय नौसेना के लिए किया है। सक्सेना ने बताया कि इस पोत के सभी परीक्षण सफल रहे हैं और पूरे हो चुके हैं। हमारी इसे इस महीने के अंत तक सौंपने की योजना है। कवरत्ती जीआरएसई द्वारा निर्मित 104वां पोत होगा।





उन्होंने बताया कि इसके 90 फीसदी घटक स्वदेश निर्मित हैं और नई तकनीक की मदद से इसकी देखरेख की आवश्यकता भी कम होगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि पोत परमाणु, रासायनिक तथा जैविक युद्ध की स्थिति में भी काम करेगा। 4 रडाररोधी और पनडुब्बीरोधी पोतों के नाम हैं- आईएनएस कमोर्ता, आईएनएस कदमत और आईएनएस किलतान। ये नाम लक्षद्वीप द्वीप समूह के द्वीपों के नाम पर रखे गए हैं।

यह 4 डीजल इंजनों से चलने वाला  युद्धपोत 3000 KW का पावर जनरेट करता है।कावारत्ती स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस है। किसी भी स्थिति में दुश्मन को कर देगा नेस्तानाबूत- इसका 90 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही निर्मित है। यह पोत परमाणु, केमिकल और बायलॉजिकल युद्ध की स्थिति में भी काम करेगा। रडार की पकड़ में न आने की वजह से नौसेना की ताकत में इजाफा होगा।



 



 


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