Headline



आज 2 अक्टूबर को 2 फिल्में सिनेमाघरों में खूब पसंद की जा रही है

Medhaj News 2 Oct 19,18:44:29 Movies Review
War_Sye_Raa_Narasimha_Reddy.jpg

बाहुबली' की अभूतपूर्व सफलता ने दक्षिण के फिल्मकारों को अपनी लैविश बजट वाली फिल्मों को तमिल-तेलुगु के अलावा हिंदी दर्शकों के सामने परोसने को प्रेरित किया है। 'साहो' के बाद निर्देशक सुरेंद्र रेड्डी की 'सई रा नरसिम्हा रेड्डी' भी इसी परम्परा का निर्वाह करती नजर आती है। फिल्मकारों ने अद्भुत सेट्स, सांसों को थमा देनेवाला अविश्वसनीय ऐक्शन और चिरंजीवी, बिग बी और सुदीप किच्चा जैसे मेगा स्टार्स की मौजूदगी से हिंदी दर्शकों को लुभाने की पूरी कोशिश की है। फिल्म की कहानी इतिहास की सच्ची घटना पर आधारित है। 1857 के राष्ट्रीय आंदोलन से दस साल पहले नरसिम्हा रेड्डी (चिरंजीवी) ने ईस्ट इंडिया कंपनी अर्थात अंग्रेजों के अतिक्रमण के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया था। उय्यलवाडा का पालेदार नरसिम्हा रेड्डी अपनी प्रजा और धरती की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तत्पर रहता है। वह अपने गुरूजी (अमिताभ बच्चन) के दिखाए हुए रास्ते पर चलनेवाला शूरवीर है। वह राज्य नर्तकी लक्ष्मी (तमन्ना) से प्रेम कर बैठता है और उसे अपनी बनाने का वचन भी देता है, मगर तब तक उसे पता नहीं होता कि उसका विवाह अकाल पीड़ित लोगों के उद्धार के लिए बचपन में ही सिद्धम्मा (नयनतारा) से कर दिया गया था।





अब एक बार फिर सूखा पड़ने पर गुरूजी की आज्ञानुसार उसे अपनी पत्नी के साथ बैठकर यज्ञ संपन्न करना है ताकि बारिश हो सके। ईस्ट इंडिया कंपनी के अत्याचारों और गलत तरीके से लगान वसूल करने की नीतियों से क्रोधित होकर वह गोरे अधिकारियों को लगान देने से मना कर देता है। गोरों को नरसिम्हा की यह बगावत एक आंख नहीं भाती। वे उसकी प्रजा पर हर तरह का जुल्म ढाते हैं, मगर नरसिम्हा की बगावत जल्द ही क्रांति का रूप धर लेती है और फिर देश को अंग्रेजों के खिलाफ एक सामूहिक आंदोलन में बांध देती है। उसके इस आंदोलन में अवकु राजू (सुदीप किच्चा) और राजा पांडी (विजय सेतुपति) जैसे साथी हैं, तो रवि किशन जैसे विरोधी भी। नरसिम्हा रेड्डी द्वारा फैलाई गई क्रांति की ज्वाला आगे चलकर एक बहुत बड़े स्वतंत्रता संग्राम का रूप लेती है, जो 1857 के राष्ट्रीय आंदोलन के तौर पर में सबके सामने आया था। 1857 के दौर को दर्शाने में निर्देशक ने जिन भव्य सेट्स का इस्तेमाल किया है, वे अपने आप में काबिले तारीफ हैं। ग्रेग पॉल, ली विटाकर, राम-लक्ष्मण और ए विजय के स्टंट्स देखते हुए आपकी आंखें चौड़ी हुए बिना नहीं रह पाती। 2 घंटा 50 मिनट की लंबाई खलती है। फिल्म अगर 20-25 मिनट कम होती तो ज्यादा क्रिस्प और दिलचस्प लगती। स्क्रीनप्ले और फिल्म की लिखावट को बेहतर किया जा सकता था। फिल्म का क्लाईमैक्स और प्री-क्लाईमैक्स देशभक्ति वाला होने के बावजूद खिंचा हुआ लगता है। संगीत औसत है। अभिनय के मामले में दक्षिण के मेगा स्टार चिरंजीवी पर्दे पर अपने चार्म के साथ प्रस्तुत हुए हैं। ऐक्शन के अविश्वसनीय दृश्यों को उन्होंने अपने बॉडी लैंग्वेज से जस्टिफाई किया है।





अब बात करते है फिल्म वॉर की 2 अक्टूबर को ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के बीच स्क्रीन पर एपिक वॉर देखने को मिलेगी | मूवी ने फैंस के एक्साइटमेंट को ट्रेलर रिलीज के साथ दोगुना कर दिया है |  मूवी में वाणी कपूर फीमेल लीड में होंगी. फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है | ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की इस फिल्म से काफी उम्मीद लगाए हुए हैं। फिल्म की कहानी एक भारतीय फौजी कबीर (ऋतिक रोशन) पर आधारित है जो एक स्पेशल एजेंट के रूप में काम करता है। बाद में ऋतिक किस तरह एक बुरे इंसान बनते हैं और स्पेशल एजेंट की जगह खालिद (टाइगर श्रॉफ) लेते हैं। ये इस फिल्म में दिखाया गया है। फर्स्ट रिव्यू में फिल्म को एपिक एक्शन मूवी बताया गया |  ऋतिक की डांसिंग स्टाइल और एक्शन की प्रशंसा की जा रही है | वहीं टाइगर श्रॉफ की परफॉर्मेंस को सराहा जा रहा है | मूवी में वाणी कपूर फीमेल लीड में हैं | हालांकि, फिल्म में उनका कुछ खास रोल नहीं है | फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया है | फिल्म का प्रोडक्शन आदित्य चोपड़ा ने किया है | फिल्म एक्शन सीन्स से लबरेज है |


    Comments

    Leave a comment



    Similar Post You May Like

    Trends