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आज है साल की सबसे शुभ एकादशी, जाने इसके बारे में

Medhaj news 19 Nov 18,15:33:32 Lifestyle

सभी 24 एकादशी में सबसे शुभ और मंगलकारी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवोत्थान एकादशी मानी जाती है। इस एकादशी को देवउठनी एकादशी, देवप्रबोधिनी एकादशी और डिठवन एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 19 नवंबर को है। ऐसी मान्यता है इस दिन भगवान विष्णु जो पिछले 4 महीनो से क्षीर सागर में सोए हुए थे वह जागते हैं। भगवान के जागते ही 4 महीनों से रूके हुए सभी तरह के मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे।शास्त्रों में देवउठनी एकादशी पर कुछ उपाय करने से जहां मोक्ष की प्राप्ति होती है तो वहीं बताए गए नियम का पालन ना करने पर दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है।इसके अलावा इस दिन शालीग्राम के साथ तुलसी विवाह भी कराया जाता है।ऐसे में इस दिन तुलसी पूजा भी की जाती है।

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देवउठनी एकादशी का शुभ मुहूर्त 19 नवंबर को सुबह 06 बजकर 48 मिनट से लेकर 08 बजकर 56 मिनट तक है। देवउठनी एकादाशी में पारण का बहुत महत्व है। इसीलिए इसी शुभ मुहूर्त में पारण करें। वहीं, इस दिन कुछ विशेष बातों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।


इस दिन घर में चावल नहीं बनना चाहिए। घर का वतावरण सात्विक हो। वहीं, घर के सभी लोग फलाहारी व्रत रखना का प्रयास करें। वृद्ध ,बालक तथा रोगी व्रत नहीं भी रख सकते हैं। धूम्रपान या कोई भी नशा इस दिन बिल्कुल भी न करें। वहीं, इस दिन जहां तक हो सके इस दिन सत्य बोलने का प्रयास करें।देवउठनी एकादशी के दिन सुबह उठकर सबसे पहले नहा लें। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा का संकल्प लें। घर के आंगन में भगवान के चरणों की आकृति बनाएं। ये विश्वास किया जाता है कि भगवान इसी रास्ते आएंगे। फल, फूल, मिठाई इत्यादि को एक डलिया में रखें।इसके बाद रात में पूरे परिवार के साथ भगवान विष्णु का पूजन करें। संध्या समय में विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ कर शंख बाजाकर भगवान को आमंत्रण दे दें। इस पूरी रात्रि श्रद्धानुसार भगवान के विभिन्न नामों का जप करें। भगवान का संकीर्तन करें।देवउठनी एकादशी के दिन भगवान के आगमन की खुशी में उनकी पत्नी माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसे में माता लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त का भी पाठ करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।मान्यताओं के अनुसार देव उठनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा से जन्म जन्मांतर के पाप समाप्त हो जाते हैं। व्रत करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में समृद्धि आती है।

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