कश्मीर पर पाबंदी हटाने से SC का इनकार कहा याचिका कर्ता है असंवेदनशील
कश्मीर में धारा 370(Article 370) को मोदी सरकार द्वारा हटाए जाने पर कश्मीर के हालात में क्या बदलाव आएं है कोई नहीं जनता। जम्मू-कश्मीर राज्य के गठन से आज तक वहां के हालत कैसे है यह किसी से भी छुपा नहीं है। कश्मीर राज्य को लेकर पाकिस्तान के दावे अलग है वह उसे अपना अभिन्न अंग मानता है। जिसके कारण वहां आतंकी गतिविधिया आम बात है। मोदी सरकार यह जानती है कि अगर देश का विकास करना है तो भारत को आतंकवाद मुक्त देश बनाना ही पड़ेगा। वर्ल्डरा मीडिया और भारत के कुछ असहिष्णु लोग इसे समझ नहीं पा रहे है। पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ ज़ाहिर है की मामला कितना संवेदनशील है।
इसी कारण जम्मू-कश्मीर में धारा 144 हटाने की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला संवेदनशील है। इसमें सरकार को वक्त मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते बाद मामले की सुनवाई करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि ये कब तक चलेगा, इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जैसी ही स्थिति सामान्य होगी, व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी। हम कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को कम से कम असुविधा हो। 1999 से हिंसा के कारण 44000 लोग मारे गए थे। शायद यह बात याचिका करता भूल गया था। सरकार के फैसले से कुछ समय तक ज़रूर कश्मीर के लोगों को कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है पर हालात सामान्य होते ही कश्मीर से गायब हो चुकी शांति वापस लौट आएगी। मोदी सरकार का रिकॉर्ड तो यही कहता है।

