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डेटा प्लान की महंगाई महंगे प्याज से भी ज्यादा चुभ रही

Medhaj News 15 Dec 19 , 06:01:39 India
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मोबाइल कंपनियों ने टैरिफ में 40-45 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है जो शहरी निम्न आय वर्ग के लोगों की परेशानी का सबब बन गया है। मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले कई लोगों का कहना है कि डेटा प्लान की महंगाई उन्हें महंगे प्याज से भी ज्यादा चुभ रही है। घरों में काम करने वाली रबीता ने मोबाइल रखना शुरू किया तो उसे अनलिमिटेड कॉल और डेटा प्लान मिला करते थे। फिर वह मोबाइल फोन पर 50 रुपया प्रति माह तक खर्च करने लगीं। लेकिन, अब यह चार्ज बढ़कर 98 रुपये हो गया है जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। रबीता कहती हैं - जब घर में कुछ मांसाहारी भोजन तैयार करना होता था तो 10-15 रुपये में प्याज मिल जाता था, अब तो इतने में मुझे एक प्याज भी नहीं मिलेगा। किचन में प्याज के बिना तो मेरा काम चल जागा लेकिन डेटा प्लान के बगैर तो नहीं चल पाएगा। रात की ड्यूटी करने वाले सिक्यॉरिटी गार्ड्स और राइड्स के बीच वेट करने वाले कैबचालकों के लिए मोबाइल बेहद जरूरी एंटरटेनमेंट का साधन है। गाजियाबाद की रीना पेशावर हर शाम पूजा करते वक्त ऑनलाइन आरती प्ले करती हैं, लेकिन अब वह सोचने लगीं हैं कि भगवान की भक्ति और मेकअप विडियोज देखने के खर्च में वह थोड़ी कटौती करें। उनका मंथली मोबाइल प्रीपेड प्लान अब 169 रुपये की जगह 249 रुपये हो गया है।





22 साल की रीना एक डमेस्टिक वर्कर हैं, जिनकी सैलरी 6000 रुपये महीना है। वह कहती हैं - दिवाली बोनस से मैंने एक नया सेलफोन खरीदा था, मुझे पहले ही खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। पूर्वी दिल्ली में रहने वाली एक गृहिणी किरण आधार को अपने नन्हे बच्चे और बॉलिवुड नंबर्स पर लिपसिंक विडियोज अपलोड करने का बहुत शौक है, वह ऐसा करती रहती हैं। उनके इस शौक को भी बढ़ टैरिफ से धक्का लगा है। किरण 500 रुपये की रीचार्ज करवाती थी, जिसमें उन्हें 84 दिनों के लिए 2जीबी डेटा मिलता था। अब, इतने डेटा के लिए उन्हें 200 रुपये ज्यादा देनें होंगे। कुमार नाम के एक ड्राइवर राइड्स के बीच तमिल फिल्में देख अपना टाइन पास करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं फोन नहीं छोड़ सकता। अगर मेरे रेगुलर ग्राहक मुझे कॉल न कर सकें या मैं जीपीएस न चेक कर सकूं तो मेरे काम प्रभावित होता है। लेकिन मुझे ऐसे खर्च तो कम करने होंगे, जो जरूरी नहीं हैं।' कुमार अपनी पत्नी के मोबाइल प्लान को बेसिक प्लान में कन्वर्ट करने की सोच रहे हैं, जिसमें सिर्फ इनकमिंग अलाउड है। हालांकि, उसका चार्ज भी 35 रुपये से बढ़कर 49 रुपये हो गया है। कुमार थोड़ी कटौतियां तो कर पाएंगे लेकिन अपनी 6 साल की बेटी को ये बातें कैसे समझा पाएंगे, जिसे रोज सोने से पहले कार्टून देखने की आदत है। दूसरी जगहों से काम करने आए एमके सिंह जैसे लोगों की चिंता विडियो कॉल्स को लेकर है। एमके सिंह वॉचमैन की ड्यूटी करते हैं और अपने परिवार से वह विडियो कॉल्स के जरिए लंबी-लंबी बातें करते हैं। उनका कहना है - मेरा परिवार यूपी के बदायूं में रहता है। मैं गांव में अपने पैरंट्स को विडियो कॉल्स किया करता हूं, लेकिन मुझे अब इस खर्च में कटौती करनी होगी। टैरिफ में 100 रुपये की बढ़ोतरी मेरे लिए बहुत ज्यादा है।


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