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चुनाव के बाद राज्य सरकार इस व्यवस्था को लागू कर सकती है

Medhaj News 14 May 19 , 06:01:39 India
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जिन मरीजों की किडनी खराब हो चुकी है उन्हें डायलिसिस के लिए सेंटर पर जाना पड़ता है | लेकिन अब केंद्र सरकार ऐसे मरीजों के लिए घर पर ही डायलिसिस की व्यवस्था करने जा रही है | चुनाव खत्म होने के बाद राज्य सरकार इसे लागू कर सकती है | इतना ही नहीं सरकार देखभाल करने वालों के लिए एक ट्रेनिंग की भी व्यवस्था करने वाली है जिसमें घर पर ही किडनी के मरीजों की डायलिसिस आराम से हो सकेगी | इसके लिए मरीज के पेट में कैथेटर ट्यूब फिक्स की जाती है, जो बाहर की ओर निकाली जाती है | ट्यूब के सहारे पेट में पेरिटोनियम डायलिसिस फ्लूड पेट में डाला जाता है जिसकी मात्रा करीब दो लीटर होती है | ये ट्यूब करीब 30 से 40 मिनट शरीर के अंदर रहता है | पेट में लगे इस ट्यूब से एक और कैथेटर जोड़ा जाता है | इसी ट्यूब के सहारे शरीर के अंदर से खून के अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकल आते हैं | यह प्रक्रिया 24 घंटे में तीन बार करनी होती है | देश भर में हर साल 2 लाख से ज़्यादा किडनी के नए मरीज सामने आते हैं | जिनके लिए हर साल 3.4 करोड़ डायलिसिस की मांग होती है | सरकार की इस योजना के लागू होने के बाद मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों के लिए सुविधा हो जाएगी | गरीबी रेखा से नीचे के मरीजों के लिए दवा और किट के लिए कोई भी पैसे नहीं लिए जाएंगे | स्वास्थय मंत्रालय की मानें तो डायलिसिस से पहले मरीज के पेट में एक रास्ता दिया जाएगा और उसी से ट्यूब निकालकर छोड़ दिया जाएगा |  इसके बाद मरीज को पेरिटोनियल किट और दवा दे दी जाएंगी जिससे घर पर ही उनकी डायलिसिस हो सके | वैसे ये डॉक्टर तय करेंगे कि किन मरीजों की डायलिसिस के लिए सेंटर आना होगा और किन लोगों को घर पर ही डायलिसिस करनी होगी |


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