गुजरात के इस शक्श ने चालान से बचने के लिए खोजा नया तरीका
मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम (Motor vehicle Act) पास होने के बाद यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। ट्रैफिक नियम (Traffic Rule) तोड़ने वालों पर नए अधिनियम के मुताबिक जुर्माना लगाया जा रहा है। जितना बड़ा अपराध जुर्माना भी उतना ही तगड़ा। गुजरात के बडोदरा के एक शख्स ने ट्रैफिक चालान (Traffic challan) से बचने का अनोखा तरीका निकाला. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, 'शख्स ने अपने हेलमेट पर ही ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, इंश्योरेंश और अन्य कागजात को चिपका लिया। वडोदरा के रहने वाले आर शाह का कहना है कि 'बाइक चलाने से पहले मैं जो सबसे पहला काम करता हूं वो है हेलमेट पहनना, इसलिए मैंने सभी कागजात इस पर चिपका दिए ताकि नए ट्रैफिक नियमों के अनुसार मुझे कोई जुर्माना न भरना पड़े।'

सरकार का कहना है कि कानून में बदलाव करने के कई फायदे हैं. इससे गाड़ियों के यातायात नियम पालन करने की इलैक्ट्रानिक तौर पर निगरानी हो सकती है। कुछ अपराधों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द होने पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स का प्रावधान। नए अपराधों के लिए जुर्माने का प्रावधान और मौजूदा अपराधों के लिए इसे बढ़ाना. नाबालिगों के जुर्म के लिए मालिक या अभिभावक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल तक की जेल का प्रावधान है। ऐसे नाबालिग को 25 साल का होने पर ही ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा. ओला और उबर को केंद्र की गाइडलाइंस माननी होंगी।

ऐसे कई अपराध हैं जिनके लिए जुर्माने की रकम बढ़ा दी गई है। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर पहले पांच सौ रुपये तक जुर्माना था। यह अब 5000 रुपये होगा। ओवरस्पीडिंग के लिए पहले चार सौ रुपये तक जुर्माना था, अब यह हल्के वाहनों के लिए एक से दो हजार रुपये होगा जबकि मध्यम और भारी वाहनों के लिए दो हजार से चार हजार रुपये। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर दो हजार तक का जुर्माना या छह महीने तक सजा का प्रावधान था। इसे अब दस हजार रुपये तक का जुर्माना और छह महीने तक की सजा कर दिया गया है। प्रदूषण मुक्त न होने पर पहले एक हजार रुपये तक का जुर्माना था जिसमें अब तीन महीने तक की सजा और दस हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस रद्द करना तक शामिल हो गया है।











