वैज्ञानिकों का दावा, खोज लिया मानव शरीर का नया अंग

medhaj news 30 Mar 18,23:22:23 Health
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मानव शरीर में कितना अंग होते हैं | शायद हम ज्यादातर के नाम जानते हैं, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने मानव शरीर में एक नया अंग खोज लिया है | इसे मेडिकल साइंस के क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है | वैज्ञानिकों को उम्मीद है इस नए अंग से मानव शरीर में कैंसर कैसे फैलता है, इसका पता लगाना आसान होगा | वैज्ञानिकों का दावा है कि यह मानव शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से में से एक है और सभी के शरीर में मौजूद है | वैज्ञानिकों के मुताबिक, हमारे शरीर में स्किन के अंदर एक लेयर होती है | इस लेयर को उत्तक यानी टीशू कहा जाता है | इन टीशू के अंदर तरल पदार्थों से भरे कंपार्टमेंट्स होता हैं | वैज्ञानिकों ने इसे 'इंटरस्टीशियम' का नाम दिया है |

क्या है 'इंटरस्टीशियम'
वैज्ञानिकों ने 'इंटरस्टीशियम' के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि ये सिर्फ स्कीन में ही नहीं, बल्कि आंत, फेफड़े, रक्त नलिका और मांसपेशियों के नीचे भी मिलते हैं | ये काफी लचीले होते हैं, इनके अंदर प्रोटीन की मोटी लेयर होती है | वैज्ञानिकों के हिसाब से 'इंटरस्टीशियम' शरीर के टीशूज के बचाव का काम करते हैं | मालूम हो कि इंसान के शरीर के नए अंग के बारे में लेख साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है |

कैसे हुई खोज
माउंड सिनाइ बेथ इजरायल मेडिकल सेंटर मेडिक्स के डॉ डेविड कार-लॉक और डॉ पेट्रोस बेनियास ने यह पता लगाया कि एक ह्यूमन बॉडी में कैंसर कैसे फैलता है | इसके लिए डॉक्टर्स ने पित्त वाहिनी की जांच की | वैज्ञानिकों का दावा है कि जांच के दौरान उनकी नजर विशेष प्रकार के टीशू पर पड़ी | इन्हें उन्होंने 'इंटरस्टीशियम' नाम दिया है |

शरीर के बड़े अंगों में है 'इंटरस्टीशियम'
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 'इंटरस्टीशियम' शरीर के बड़े अंगों में से एक है | दावा किया जा रहा है कि मानव शरीर में इस नए अंग की खोज और उसे पूरी तरह से समझने के बाद वैज्ञानिकों को कैंसर के लिए नया टेस्ट विकसित करने में मदद मिलेगी |

सदियों से मानव शरीर पर हो रहे हैं शोध
मानव शरीर की संरचना जितनी अद्भुत है उतनी ही जटिल भी है | यह एक ऐसा विषय बन गया है जिस पर सदियों से शोध होते ही आएं हैं और भविष्य में भी होते ही रहेंगे | इसलिए अगर मानव शरीर से जुड़े नए और रोचक तथ्य आपके समक्ष प्रस्तुत हो तो इसमें कोई अचरज नहीं होना चाहिए |


 

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