महाराष्ट्र में सरकार गठन पर दुविधा और भी बढती जा रही
महाराष्ट्र में सरकार गठन पर दुविधा और भी बढती जा रही है | पहले बीजेपी (BJP) ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया, फिर शिवसेना (Shiv Sena) तय डेडलाइन में समर्थन की चिट्ठी नहीं दे सकी | शिवसेना ने राज्यपाल से और 48 घंटे की मोहलत मांगी, जिसे राज्यपाल ने नहीं माना | अब राज्यपाल ने एनसीपी (NCP) को सरकार बनाने का मौक़ा दिया है | आज यानी मंगलवार रात साढ़े आठ बजे तक एनसीपी को जवाब देना है | उससे पहले एनसीपी के सूत्रों के मुताबिक कहा गया कि जब तक कांग्रेस सरकार में शामिल नहीं होती तब तक एनसीपी भी शिवसेना के साथ सरकार में नहीं जाएगी |
सूत्र के मुताबिक एनसीपी (NCP) नहीं चाहती कि 3 महीने में सरकार गिर जाए | एनसीपी चाहती है कि राज्य में स्थिर सरकार हो जो NCP, कांग्रेस और शिवसेना मिलकर ही बन सकती है | इसके पहले महाराष्ट्र में राज्यपाल ने शिवसेना को 48 घंटे की मोहलत नहीं दी, रविवार को राज्यपाल ने शिवसेना को चिट्ठी लिखकर कहा था कि सोमवार साढ़े 7 बजे तक सरकार बनाने की इच्छा जताए, शिवसेना की तरफ़ से आदित्य ठाकरे ने राजभवन जाकर सरकार बनाने की इच्छा जताई और 48 घंटे का समय मांगा, जो उन्हें नहीं मिला | यह पूछने पर कि कांग्रेस नेता अगर आज आ नहीं रहे हैं तो राष्ट्रपति शासन लग जायेगा? तो उन्होंने कहा कि यहां आना जरूरी नहीं है | फोन पर भी बात हो सकती है | अजीत पवार ने ये साफ किया कि कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है और जो भी फैसला है वो साथ में है | शिवसेना के साथ कभी हमने मिलकर चुनाव नहीं लड़ा है इसलिए कांग्रेस थोड़ा वक्त ले रही है |





























